मेरा जन्म 18 सितंबर 1980 को एक छोटे पवित्र शहर हरिद्वार के मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। मेरी बचपन से ही विज्ञान के प्रति रुचि थी। रात के समय, मैं ब्रह्मांड के रहस्य को समझने के लिए घंटों आकाश की ओर देखता था। मुझे स्कूल के बाद खुद से भौतिकी और रसायन विज्ञान के प्रयोग करना पसंद था। जिसमें से मैं केवल 50 प्रतिशत प्रयोग ही सही ढंग से कर पाता था।



हमारी मुलाकात हरिद्वारा के आशीष कुमार जी से हुई। विज्ञान और अध्यात्म पर कई पुस्तके लिख चुके आशीष जी जिज्ञासु प्रवृत्ति और सरल स्वभाव के है। उन्होने हमारे साथ उनके जीवन और प्रकाशित पुस्तकों के बारे मे जानकारी शेयर की। उनके साथ वार्ता के कुछ विशेष अंश-

indiBooks : आपका संक्षिप्त परिचय आपके शब्दों में ?
आशीष कुमार : मेरा जन्म 18 सितंबर 1980 को एक छोटे पवित्र शहर हरिद्वार के मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। मेरी बचपन से ही विज्ञान के प्रति रुचि थी। रात के समय, मैं ब्रह्मांड के रहस्य को समझने के लिए घंटों आकाश की ओर देखता था। मुझे स्कूल के बाद खुद से भौतिकी और रसायन विज्ञान के प्रयोग करना पसंद था। जिसमें से मैं केवल 50 प्रतिशत प्रयोग ही सही ढंग से कर पाता था। बचपन से ही मेरा दूसरा प्यार हिंदू पौराणिक कथाएँ और दर्शन थे। यहां तक कि मैं उस समय उनके बारे में ज्यादा नहीं जानता था लेकिन उन्होंने मुझे आकर्षित किया। इसका अर्थ है कि मेरा दिमाग सामाजिक जीवन के दो चरम ध्रुवीकरणों के बीच झूलता रहता था।

indiBooks : पहली पुस्तक के विषय के बारे में कुछ बताएं?
आशीष कुमार : वर्ष 2014 में मेरी पहली पुस्तक प्रकाशित हुई थी और यह एक प्रेम कहानी थी, जिसका शीर्षक 'Love Incomplete’ था।

indiBooks : पुस्तक प्रकाशन के लिए आपको प्रेरणा कहां से मिली?
आशीष कुमार : बचपन से ही मेरी दिलचस्पी किताबो को पढ़ने और नया कुछ सीखने की रही है। जब मैंने कभी कुछ सीख़ लिया तो वो समय था प्राप्त ज्ञान को अन्य लोगो तक पहुंचाना मेरे ख्याल से किताबे इसके लिए सर्वोत्तम माध्यम है।

indiBooks : क्या पुस्तक प्रकाशन के दौरान हुए खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा करेंगें?
आशीष कुमार : शुरुवात की पुस्तकों को प्रकाशित करने में मुश्किलें हुई किन्तु बाद में सब समझ आ गया और अब सब कुछ आसान लगता है।

indiBooks : अब तक आपकी कितनी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है?
आशीष कुमार : अब तक सात (7) पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है।

indiBooks : क्या आप अपनी प्रकाशित पुस्तकों के बारे में जानकारी देना चाहेंगे?
आशीष कुमार : जरूर! मेरी अब तक प्रकाशित सभी पुस्तके अलग-अलग विषयो पर है। वर्ष 2014 में मेरी पहली पुस्तक प्रकाशित हुई थी और यह एक प्रेम कहानी थी जिसका शीर्षक 'Love Incomplete’ था। 2015 में मेरी दूसरी किताब हिंदी में 'क्या है हिंदुस्तान में' शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। वर्ष 2016 में मेरी पुस्तक 'Detail Geography of Space’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। यह मेरी तीसरी पुस्तक थी, फिर मैंने अपने तरीके बदल दिए और एक और पुस्तक ‘The Ruiner’ लिखी, जिसमें मैंने हिंदू पौराणिक कथाओं के रहस्यों और हिंदू शास्त्रों के अनुष्ठानों और दर्शन को बहुत वैज्ञानिक तरीके से और कहानी के रूप में हल करने की कोशिश की। 2018 में मेरी एक और किताब हिंदी में 'सच्ची सच्चाई कुछ पन्नो में' शीर्षक से प्रकाशित हुई। मई 2109 में मेरी छठी पुस्तक प्रकाशित हुई जिसका शीर्षक 'कुछ अनोखे स्वाद और बातें' है जिसमे मैंने अपने द्वारा खोजी और बनायीं गयी खाने-पीने की चीजों और उन से जुड़ी रोचक बातो का जिक्र किया है। मेरी सातवीं पुस्तक "पूर्ण विनाशक" है।

indiBooks : आपकी नज़र में लेखन कठिन है या आसान?
आशीष कुमार : यह व्यक्ति की व्यक्तिगत रुचि पर निर्भर करता है।

indiBooks : आप लेखन के लिए समय कैसे निकालते हैं?
आशीष कुमार : मेरा कोई और शौक नहीं है केवल पुस्तके पढ़ना, नया ज्ञान प्राप्त करना और फिर अनुसंधान करके पुस्तके लिखना है।

indiBooks : आपकी पसंद की लेखन विधा कौन सी है?
आशीष कुमार : यह तो तथ्यों और हमारी आंतरिक इच्छाओ पर निर्भर करता है तो मुझे सभी विधाओं में पढ़ना और लिखना पसंद है।

indiBooks : आपके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि जिसे आप सभी के साथ शेयर करना चाहते है?
आशीष कुमार : एक बार जब मैं क्वांटम भौतिकी पर एक लेख पढ़ रहा था और इसकी अनिश्चितता ने जल्द ही मेरे मन में एक पुराने हिंदू दर्शन के बारे में एक विचार उत्पन्न किया जिसे 'सांख्य' कहा जाता है और तब मैं सब कुछ भूल गया और 'सांख्य' दर्शन और क्वांटम भौतिकी के बीच की कड़ी को समझने और खोजने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। दिसंबर 2015 में इस विषय में मेरा शोध पत्र इंटरनेशनल जर्नल ऑफ साइंटिफिक एंड इंजीनियरिंग रिसर्च ’में थ्योरी ऑफ एनीथिंग - सांख्य दर्शन’ शीर्षक से प्रकाशित हुआ। जनवरी 2019 में मेरा दूसरा शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हुआ जिसका शीर्षक 'स्पन्दकारिका - थ्योरी ऑफ़ नथिंग' था जिसमे मैंने हमारे सौरमंडल के सारे बलों और विकिरणो को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया है।

indiBooks : पुस्तक प्रकाशन के सफर में प्रकाशकों का सहयोग और अनुभव कैसा रहा?
आशीष कुमार : सब कुछ मिश्रित सा रहा।

indiBooks  : हिन्दी साहित्य के भविष्य आपकी नज़र में कैसा हैं?
आशीष कुमार : 'हिंदी में भावनाये व्यक्त होती है जबकि अन्य भाषाओ में शब्द' बस ये ही फर्क है इसलिए हिंदी में ज्यादा से ज्यादा लिखना और पढ़ना चाहिए। जिससे की सामाज का आंतरिक विकास हो सके जो केवल भौतिक दायरों तक ही सिमित न हो।

indiBooks : आप अपने पाठकों और प्रसंशकों से क्या कहना चाहेंगे?
आशीष कुमार : हर महीने कम से कम एक पुस्तक अपनी रूचि के अनुसार भौतिक रूप में सबको पढ़नी ही चाहिए, लेकिन डिजिटल रूप में नहीं।

indiBooks : भविष्य के लिए क्या योजनाएं है?
आशीष कुमार : हिन्दू शास्त्रों का ज्ञान ज्यादा से ज्यादा लोगो आसान भाषा में देना।



Why read this Book ?

वर्तमान युग के दो लड़के और दो लड़कियां हिंदू धर्मग्रंथों के पौराणिक इतिहास की खोज में हैं। उनके उद्देश्य और शौक अलग-अलग हैं। यहां तक कि उनके पेशे भी अलग हैं। वे दुनिया की सबसे आकर्षक कहानी का पता लगाने के लिए एक साथ आए हैं। हां, वे श्रीलंका में भगवान राम और लक्ष्मण के पदचिन्हों पर चलने के लिए एक साथ आए हैं। वहां वे अपने मार्गदर्शक से मिलते हैं, एक व्यक्ति जो उन्हें समझाता है और उन्हें रामायण के स्थानों की यात्रा भी कराता है, जैसे वे सभी उस युग के भाग हैं। उन्हें कुछ तथ्यों के उत्तर भी मिले, जिन्हें पहले कोई नहीं जानता था, जैसे कि:-
  • रावण क्लोन विज्ञान जानता था और अपने बेटों के 1 लाख क्लोन और अपने पोते के 1.25 लाख क्लोन बनाता है वे अब कहाँ हैं? 
  • रावण भोजन तैयार करने के लिए चंद्रमा की ऊर्जा का उपयोग करने का विज्ञान जानता था। कैसे? 
  • भगवान स्वयं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर कैसे स्थान्तरित कर सकते थे? 
  • रावण ने इस लोक से स्वर्ग को कैसे जोड़ा था? 
  • इन्द्रजाल, मोहिनी अस्त्र, लक्ष्मण रेखा आदि के पीछे क्या विज्ञान है? 
  • देवी सीता ने स्वर्ण मृग की मांग क्यों की? 
  • भगवान हनुमान ने बाली को क्यों नहीं मारा? 
  • सीता की गीता क्या है? 
  • श्रीलंका का नाम ‘श्रीलंका’ कैसे पड़ा? 
  • दक्षिणमुखी और पंचमुखी हनुमान का क्या महत्व है? 
  • चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा 15 दिनों के अंतराल के साथ क्यों कर रहा है? 
  • कालनेमि भगवान हनुमान से तेज कैसे उड़ सकता था? 
  • हथियार शक्ति, ब्रह्मास्त्र के पीछे क्या विज्ञान है? 
  • संजीवनी चिकित्सा के पीछे विज्ञान क्या है? 
  • पुष्पक विमान अलग-अलग गतियों से कैसे उड़ सकता था? 
  • क्या महाभारत के युद्ध के पीछे का कारण भगवान कृष्ण हैं? 
  • क्या हम अपने DNA में हेरफेर करके अपनी उम्र को बढ़ने से रोक सकते हैं? 
  • कर्म कैसे काम करते हैं? 
  • क्या शाप और वरदान हमारे कर्म को प्रभावित करते हैं? 
  • प्राण, चेतना और आत्मा एक ही हैं या अलग-अलग हैं? 
  • अमावस्या के पीछे क्या विज्ञान है? 
  • चंद्रमा के चरणों की देवियाँ कौन कौन सी हैं? 
  • बलिदानों के पीछे का विज्ञान क्या है? 
  • क्या कोई अन्य सूत्र E = mc2 से अधिक शक्तिशाली है? 
  • यदि हाँ, तो वह क्या है? 
  • क्या हमारे समाज में अपराध और भ्रष्टाचार के लिए अंतरजातीय विवाह जिम्मेदार है? 
  • भावनाओं का हमारे मन और शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?


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