इस बार indiBooks आपकी मुलाकात मोना कपूर जी से कराने जा रहा है। नई दिल्ली निवासी मोना जी की अब तक तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। उन्होंने हमारे साथ पुस्तक प्रकाशन के अपने अनुभवों को भी साझा किया। मोना जी हम आपका तहेदिल से शुक्रिया करते है, आपने साक्षात्कार के लिए अपना समय दिया। आईये आपके लिए पेश हैं मोना जी के साथ वार्ता के कुछ विशेष अंश-

indiBooks : आपका संक्षिप्त परिचय आपके शब्दों में ?
मोना कपूर : मेरा जन्म नरेला में हुआ था। मैं मध्यम वर्गीय परिवार से हूं, मेरी शिक्षा दिल्ली में, बी.एड की शिक्षा मेरठ से व एम.ए की शिक्षा हिमाचल से हुई। मैं एक गृहिणी हूं व लेखन मेरा शौक है।

indiBooks : आपकी पहली पुस्तक कब प्रकाशित हुई थी ?
मोना कपूर : मेरी पहली पुस्तक नवंबर 2018 में प्रकाशित हुई।

indiBooks : पहली पुस्तक के विषय के बारे में कुछ बताएं ?
मोना कपूर : मेरी पहली पुस्तक ‘प्रयास’ एक लघुकथा संग्रह है जिसमें 6 लघुकथाएं संकलित है।

indiBooks : पुस्तक प्रकाशन के लिए आपको प्रेरणा कहां से मिली ?
मोना कपूर : अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाने का मेरा सपना था और मेरे सपने ही मेरी प्रेरणा बने।

indiBooks : क्या आप पुस्तक प्रकाशन के अनुभवों को साझा करेंगी ?
मोना कपूर : शुरुआत में मुझे कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे सब आसान सा लगता गया। कुल मिलाकर यह अनुभव काफी अच्छा रहा।

indiBooks : अब तक आपकी कितनी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है ?
मोना कपूर : अब तक मेरी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है जिसमें से “प्रयास” मेरा एकल संकलन है और इसके अलावा मेरी दो अन्य पुस्तकें ‘RooबRoo’ व ‘ऑनलाइन Woमनिया’ सांझा संकलन है।

indiBooks : स्वयं की प्रकाशित पुस्तकों में आपकी सबसे पसंदीदा पुस्तक कौन सी है और क्यों ? 
मोना कपूर : मेरी पसंदीदा पुस्तक ‘ऑनलाइन Woमनिया’ है क्योंकि इस पुस्तक में 32 ऐसी महिलाओं के द्वारा लिखी गई कहानियां हैं जो कि आज तक एक दूसरे से नही मिली लेकिन दूर होते हुए भी एक दूसरे के दिलों में बसती है। इसमें लिखी हर एक कहानी मेरे दिल के करीब है।

indiBooks : आपकी पुस्तक ‘प्रयास’ पुस्तक के किरदार और घटनाएं किससे प्रेरित है ?
मोना कपूर : ‘प्रयास’ के किरदार व घटनाएं मेरे आसपास के लोगों के जीवन में घटित घटनाओं से प्रेरित है व इसमें प्रकाशित कुछ लघुकथाएं काल्पनिक भी है।

indiBooks : आपकी पुस्तक ‘प्रयास’ को लिखने में आपको कितना समय लगा ?
मोना कपूर : लगभग 3 से 4 माह।

indiBooks : आप लेखन के लिए समय कैसे निकालती हैं ?
मोना कपूर : एक गृहिणी होने के नाते मेरे लिए दिन में समय निकालना थोड़ा कठिन होता है इसीलिए मैं अक्सर रात में लेखन करती हूं।

indiBooks : आपकी पसंद की लेखन विधा कौन सी है ?
मोना कपूर : मेरी लेखन की पसंदीदा विद्या कहानी है। इसके अलावा मै कविता, लेख भी लिखती हूं।

indiBooks : क्या आपका कोई Ideal लेखक या लेखिका है ? क्या उसका नाम पाठकों को बतायेंगे?
मोना कपूर : मुंशी प्रेमचंद जी मेरे आइडियल लेखक हैं व उनके बाद एक और बेहतरीन लेखिका जो कि मेरी खास सहेली भी है जिनका नाम “कविता जयंत श्रीवास्तव”है, मेरे जीवन में एक आइडियल लेखिका की भूमिका अदा करती हैं।

indiBooks : आपकी पसंद की पुस्तकें जिन्हें आप बार-बार पढ़ती है ? 
मोना कपूर : जी समय मिलने पर मै मुंशी प्रेमचंद जी के उपन्यास पढ़ना पसंद करती हूं।

indiBooks : जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि जिसे आप पाठकों के साथ शेयर करना चाहेंगी ?
मोना कपूर : लेखन की ओर पहल करना।

indiBooks : पुस्तक प्रकाशन के सफर में प्रकाशकों का कितना सहयोग मिला और प्रकाशकों के साथ कैसा अनुभव रहा ?
मोना कपूर : मेरी तीनों पुस्तकें एक ही प्रकाशक से प्रकाशित हुई है व उनसें मुझे काफी बेहतर सहयोग मिला। कुल मिलाकर यह अनुभव काफी रोमांचक रहा।

indiBooks : क्या आप अपने जीवन की ऐसी घटना बताना चाहेंगे, जो जिससे आपको प्रेरणा मिली हो और पाठकों के लिए भी प्रेरणादायक हो ?
मोना कपूर : मेरे जीवन में काफी उतार चढ़ाव आये लेकिन हिम्मत न हारते हुए परिवार का सहयोग व कलम का साथ लेकर मैंने खुद को संभाला। मै सबको यही कहना चाहूंगी कि कभी भी अपने जीवन में आने वाली परेशानियों से हारे नही, सदैव सकरात्मक सोच रखे। हम सब मे कुछ न कुछ हुनर अवश्य होता है बस देर है तो उसे पहचानने की, इसीलिए कभी भी हिम्मत नहीं हारे, आगे बढ़ते जाए, उम्मीद की किरण अवश्य दिखेगी।

indiBooks : हिन्दी साहित्य के भविष्य को लेकर आप क्या कहना चाहेंगी?
मोना कपूर : हिंदी साहित्य के उज्जवल भविष्य के लिए हमें और जागरूक होने की आवश्यकता है और यह प्रयास हम सब को मिलकर करना होगा।

indiBooks : अपने पाठकों और प्रशंसकों लिए कोई संदेश देना चाहेंगे ?
मोना कपूर : पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र होती है इन्हें पढ़ने की आदत डालें, ज्यादा से ज्यादा पुस्तकें पढ़िये इससे हिंदी साहित्य का ज्ञान भी मिलेगा।

indiBooks : वर्तमान में कोई किताब लिख रहीं है या भविष्य में कोई योजना ?
मोना कपूर : जी हाँ, भविष्य में एक नॉवेल लिखने की योजना बना रही हूं।



Why Read this Book

"Prayas..." is a collection of short stories which relates with the real life that everyone faces. Sometimes these stories will make you think emotionally and sometimes it will show the hidden face of our society. So what are you waiting for? Read the complete book and give your valuable feedback to the author.


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