‘अस्तित्व’ काव्य संग्रह के लेखक व संपादक आकाश ठठेर जी से साक्षात्कार

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पिछले दिनों प्राची डिजिटल पब्लिकेशन द्वारा आकाश ठठेर उर्फ लखनवी आकाश जी द्वारा संपादित काव्य संग्रह ‘अस्तित्व‘ प्रकाशित किया गया है। ‘अस्तित्व’ में दो कवियों आकाश ठठेर एवं शशि जैसवार जी की रचनाएं शामिल हैं, जिनमें से आकाश जी का साक्षात्कार प्रकाशित किया जा रहा है। पाठकों को आकाश जी के साथ किया गया साक्षात्कार जरूर पसंद आयेगा। पेश है ‘अस्तित्व’ काव्य संग्रह के लेखक व संपादक आकाश ठठेर जी से साक्षात्कार-

indiBooks : आकाश जी, नमस्कार। हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। क्या आप हमारे पाठकों को अपने शब्दों में परिचय देंगें?

Akash Thather : मेरा नाम आकाश ठठेर है, मेरा जन्म 8 जुलाई 1998 को सिंगाही जिला लखीमपुर खीरी में हुआ था, लेकिन मैं लगभग 4-5 वर्ष का था, तभी अपने माता पिता के साथ लखनऊ गया था। तब से प्रारम्भिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक लखनऊ में ही सम्पन्न हुआ। मैं ‘लखनवी आकाश’ के नाम से साहित्य की दुनिया में सक्रिय हूँ, इसलिए मेरे सम्मानित पाठकगण मुझेलखनवी आकाश’ के नाम से भी जानते हैं क्योंकि मेरी रचनायें इसी नाम से प्रकाशित होती हैं।

मेरे पिता जी श्री दिनेश कुमार ठठेर एक प्राइवेट ड्राइवर हैं और माता जी श्रीमती मनीष ठठेर एक गृहणी है।

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि मैं दोनों पैरों से विकलांग हूँ। बेशक चलने में असमर्थ हूँ तो क्या हुआ, हौसला तो दौड़ने का मैं भी रखता हूँ।

indiBooks : आकाश जी, आपकी पहली पुस्तक कब प्रकाशित हुई थी, उसके बारे में जानकारी दें।

Akash Thather : मेरी पहली पुस्तक ‘अस्तित्व’ तो अभी कुछ ही दिनों पहले 14 जनवरी 2021 में प्रकाशित हुई थी, लेकिन मैं इससे पहले कई साझा पुस्तकों का हिस्सा जरूर बन चुका हूँ।

indiBooks : आकाश जी, किसी भी लेखक या लेखिका के लिए पहली प्रकाशित पुस्तक बहुत ही मायने रखती है और उसके प्रकाशन की खुशी अलग ही होती है, क्या आप प्रथम प्रकाशन के उस अनुभव और खुशी को शब्दों में बयां सकते हैं?

Akash Thather : (मुस्कुराते हुवे) अगर मैं ना कहूँ तो भी गलत नहीं कहूँगा क्योंकि ये खुशी एक ऐसी खुशी होती है जैसे छोटे बच्चे को माँ से मिलने की खुशी हो और माँ को अपने बच्चे से जिसे शायद शब्द दे पाना मुश्किल होगा।

indiBooks : आकाश जी, पुस्तक प्रकाशन के लिए विचार कैसे बना या कैसे प्रेरणा मिली?

Akash Thather : मैंने अब तक काफी साझा संकलन पुस्तकों में अपनी रचनायें दी, तो मुझे लगा कि मुझे भी अपनी पुस्तक प्रकाशित करना चाहिये। यह विचार मन में आते ही मैंने दीदी श्रीमती शशि जैसवार (‘अस्तित्व’ काव्य संग्रह पुस्तक की सहयोगी लेखिका हैं, जिनको मैं अपनी बड़ी बहन मानता हूँ) को कॉल किया, उनके साथ अपने विचारों को साझा किया और उन्होने मेरे विचारों का स्वागत करते हुए मुझे प्रोत्साहित किया। दोनों ने विचार विमर्श किया औरअस्तित्व’ नाम की साझा पुस्तक निकालने के लिए प्रयासरत हो गये। जिसके फलस्वरूप पुस्तक आपके सामने है। वहीं, अगर मैं पुस्तक प्रकाशन के लिए प्रेरणा की बात करूँ तो मुझे श्रीमती अर्चना पाण्डे जी से मिली। मैं उनके द्वारा संपादित कई पुस्तकों में भी मेरी रचनाएं शामिल हुई हैं। यदि बन्धन प्रेम का’ पुस्तक में श्रीमती अर्चना जी का साथ ना मिलता तो शायद आज आप लोग मुझे पढ़ नहीं रहे होते। मैं श्रीमती अर्चना जी का बहुत बहुत शुक्रगुज़ार हूँ।

indiBooks : आकाश जी, संपादक एवं सहयोगी के रूप में आपकी नई किताबअस्तित्वके बारे में कुछ बताएं।

Akash Thather : दरअसलअस्तित्व’ एक कविता पुस्तक मैं लिखी जा रही है जिसे श्रीमती शशि जैसवार जी लिख रही थी, मैंने उसे पढ़ा भी है काफी अच्छी कविता है, तो इस पुस्तक का नाम भी उसी कविता के नाम पर रख दिया गया।अस्तित्व’ काव्य संग्रह में कविताएँ हैं।

indiBooks : आकाश जी, ‘अस्तित्वके लेखन से लेकर प्रकाशन तक आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त होता है? आप यहाँ पर भी उनका शुक्रिया कर सकते है।

Akash Thather : जैसा कि मैंने पहले भी बताया  कि सबसे ज्यादा सहयोग मुझेअर्चना पाण्डे मेमसे मिला क्योंकि मुझे ऐसा लगता है अगर आप मुझे सपोर्ट नहीं करती तो शायद मैं कभी कोई पुस्तक प्रकाशित करा पाता। और दूसरा सहयोग जो मेरी हमसफ़र बनने वाली हैंतन्नवी जैन जी मुझे इनका भी बहुत सहयोग मिला और सबसे ज्यादा किसी ने सहयोग किया तो वो है प्राची डिजिटल पब्लिकेशन क्योंकि उन सबको तो मैं व्यक्तिगत या अन्य माध्यम से जानता था और वो भी मुझे जानते थे, लेकिन अगर कोई प्रकाशक एक मित्र बनकर आपका काम करे, आपका सपोर्ट करे तो यकीनन आपका कार्य अवश्य सफल होगा।

indiBooks : आकाश जी, ‘अस्तित्वको पाठक क्यों पढ़े? अगर ऐसा कोई पूछ बैठे तो आपका जवाब क्या होगा?

Akash Thather : मैं तो यही कहूँगा कि एक बार ‘अस्तित्व’ काव्य संग्रह को जरूर पढ़ें। ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूँ कि यह मेरा सम्पादन है ऐसा इसलिये कह रहा हूँ क्योंकि उसमें जितनी भी रचनायें हैं वो सभी कहीं कहीं हमारे जीवन से जुड़ी हैं, हमारे आस पास देखने को मिलेगीं हैं। बस हम उसे शब्द नहीं दे पाते हैं तो हमने उसे बस शब्दों की माला पिरोकर उसे एक सुन्दर साअस्तित्व’ नामक आभूषण बना कर आपके सामने लाया हूँ।

मैं बता दूँ इसमें अपनी बदलती संस्कृति के  बारे में लिखा गया है और और एक स्त्री के पूरे जीवन को बचपन से लेकर बुढ़ापे तक का उसका सफर एक कविता में दिखाया गया है। तो आशा करता हूँ। कि हमारे पाठकों को यह पुस्तक जरूर पसन्द आयेगी।

indiBooks : पुस्तकअस्तित्वके लिए रचनाओं के चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगें? ताकि पाठक जान सकें कि एक लेखक किस तरह से मेहनत करता है।

Akash Thather : जिस तरह हम किसी फिल्म को देखते हैं और देखकर तुरन्त यह निर्णय ले लेते हैं कि फ़िल्म अच्छी थी या खराब। लेकिन फ़िल्म मेकर के बारे में नहीं सोचते हैं उस फिल्म के किसी भी पात्र के बारे में नहीं सोचते हैं कि किसने कितनी मेहनत की, तो मैं भी यह बताना नहीं चाहता हूँ कि पुस्तक को लेकर क्या परेशानियां आईं क्योंकि ऐसा करने से बहुत ऐसे पाठक होंगे जिन्हें लिखने का शौक है लेकिन वो प्रकाशित नहीं करा पा रहे हैं। तो मैं नहीं चाहता कि वो मेरी समस्याओं को पढ़कर अपने बढ़ते कदम रोक दें।

indiBooks : आकाश जी, आप साहित्य सृजन कब से कर रहें हैं, अब तक अर्जित उपलब्धियों की जानकारी देना चाहेंगे?

Akash Thather : मुझे बचपन से ही साहित्य में रूचि रही है मैं छोटी कविताएँ बचपन से ही लिखता रहा हूँ। जैसे जाड़ा, शिक्षा, मछली रानी आदि ये सब मेरी बचपन की रचनायें हैं। वैसे मुझे अब तक कुछ खास उप्लधि नहीं मिली है। एक बार दैनिक जागरण मैगज़ीन में कलयुग का कृष्ण रचना प्रकाशित हुई है जो कि श्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पर लिखी थी और कई साझा संकलन पुस्तकों में रचनायें प्रकाशित हुई हैं बहुत से सर्टिफिकेट भी मिल चुके हैं और प्रतीक चिन्ह भी।

indiBooks : आकाश जी, आपकी रचनाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत क्या है?

Akash Thather : पाठकों का प्रेम और आशीर्वाद ही सबसे बड़ा प्रेरणा स्त्रोत है।

indiBooks : अब तक के साहित्यिक सफर में ऐसी रचना कौन सी है, जिसे पाठकों की सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया मिली?

Akash Thather : मेरी दो रचनाएं है जिन पर पाठकों ने सबसे ज्यादा प्रक्रिया दी है, जिनमें पहलीबदल दिया इतिहास’ और दूसरीबेटी’ है।

indiBooks : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना चाहेंगें?

Akash Thather : कुमार विश्वास जी मेरे आईडियल कवि है, जिनसे मुझे लेखन के लिए प्रेरणा मिलती है।गांधी एण्ड स्टालिन    लुई फिशर’ और ‘डिस्कवरी ऑफ इण्डिया    जवाहर लाल नेहरूये दो किताबें हैं, जिनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

indiBooks : आकाश जी, आप साहित्य सृजन के लिए समय कैसे निकालते हैं?

Akash Thather : रचनाओं को लिखने के लिए रात में ही समय मिल पाता है। रात्रि तक लिखते रहते हैं बाकी समय में ऑफिस, (हँसते हुए) क्योंकि काम भी जरूरी है।

indiBooks : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?

Akash Thather : जैसे कि इस बदलते ज़माने में अपनी राष्ट्र भाषा हिन्दी कहीं ना कहीं लुप्त होती जा रही है। मैं देखता हूँ तो ज्यादातर बच्चों को तो हिन्दी के बहुत से आसान शब्द भी नहीं पता होते हैं, क्योंकि आजकल बच्चे कॉन्वेंट जैसे विद्यालयों में पढ़ रहे हैं, जहाँ पर हिन्दी से ज्यादा अंग्रेजी पर ध्यान दिया जाता और आजकल जो गाने भी आ रहे हैं उनमें भी अंग्रेजी बहुत इस्तेमाल की जाती है। हिन्दी को पुनर्जीवित करने वाले कवि डॉक्टर कुमार विश्वास जी हैं जिन्होंने हिन्दी को फिर से नये प्राण दिए।

indiBooks : शिक्षण कार्य और साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

Akash Thather : बिल्कुल! मैं अभिनेताओं की मिमिक्री भी करता हूँ और वीडियो एडिटिंग भी करता हूँ, पेंटिंग बनाना, ये सब मैं अपने फ्री टाइम में किया करता हूँ।

indiBooks : आकाश जी, क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?

Akash Thather : जी बिल्कुल है! बहुत जल्द ही मेरी दो पुस्तक आने वाली हैं। जो कि आज के नवयुवकों पर लिखी है, वह एक प्रेम कथा है। पारुल सिंह और दूसरी प्रीति सिंह, यह एक दो दोस्तों की कहानी है जिसमें एक पुरुष है और महिला, ये दोनों ही बहुत अच्छे दोस्त होते हैं लेकिन ऐसा क्या होता है जो इनकी दोस्ती नफरत में तब्दील हो जाती है ये आपको कहानी पढ़ कर समझ आयेगा।

प्रीति सिंह नाम से शायद कुछ अटपटा लग रहा हो कि ये कैसी पुस्तकें होंगी लेकिन मैं आपको बता दूँ कहानी दोनों ही बहुत अच्छी हैं जिसमें से दूसरी वाली पुस्तक में मैंने खुद की कहानी लिखी है।आशा करता हूँ आप लोग मेरी इन पुस्तकों को भी इतना ही स्नेह और प्यार देंगे।

indiBooks : आकाश जी, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहेंगें?

Akash Thather : मैं यही संदेश देना चाहूँगा कि ये दौर कोरोना वायरस का चल रहा है हालाँकि वैक्सीन गयी है। लेकिन फिर भी अपने स्वास्थ्य का स्वयं ध्यान रखते हुए घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें और बाइक चलाते समय हैलमेंट लगाना न भूलें और सुरक्षित रहें।

About the book ‘Astitva’

‘Astitva’ is a compilation of the best poems of two poets. The poetry compilation has Akash Thather Lakhnavi from Lucknow and poetess Shashi Jaiswar from Etawah. ‘Astitva’ is a compilation of both poets.

prachi

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