लघुकथा संकलन ‘सितारा’ के लेखक अनुरोध कुमार श्रीवास्तव जी से साक्षात्कार

2
162

पिछले दिनों लघुकथा संकलन ‘सितारा‘ प्रकाशित हुआ है। संकलन के लेखक अनुरोध कुमार श्रीवास्तव जी से indiBooks द्वारा एक छोटी सी मुलाकात की गई। अनुरोध जी का साक्षात्कार indiBooks में पहले भी प्रकाशित हो चुका है, लेकिन इस छोटी सी मुलाकात में हमने उनकी नई पुस्तक ‘सितारा’ के बारे में जानने का प्रयास किया है। आशा करते हैं कि पाठकों को अनुरोध जी के नया संकलन बहुत पसंद आयेगा। आपके लिए पेश हैं अनुरोध जी से वार्ता के प्रमुख अंश-

indiBooks : अनुरोध जी, नमस्कार। आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया, इसके लिए हम हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं। क्या आप अपने शब्दों में पाठकों को अपना परिचय देना चाहेंगें?

Anurodh Kumar Shrivastava : नमस्कार सर। मै पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से और साहित्यिक रूप से उर्वर शहर बस्ती का रहनें वाला हूँ। भारतीय साहित्यिक जगत के जगमगाते सितारे आचार्य राम चन्द्र शुक्ल और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जैसे साहित्यकार इस माटी ने पैदा किये हैं। मैंने लगभग सोलह वर्ष की उम्र में लिखना शुरू किया और शुरूआती दौर में कुछ पत्र-पत्रिकाओं में मेरी कविताएं छपी भी लेकिन फिर पढ़ाई और बाद में शासकीय सेवा में आ जानें से लेखन का क्रम टूट सा गया। जो लिखा भी वो डायरी में ही सिमटकर रह गया। लगभग पच्चीस वर्षों बाद फिर सक्रिय हुआ और 2019 में मेरा प्रथम काव्य संग्रह “जिन्दगी के साज पर” आया। फिर प्राची डिजिटल पब्लिकेशन से दो साझा काव्य संग्रह और अब 2021 में “सितारा” कहानी व लघुकथा संग्रह।

indiBooks : पिछले दिनों आपकी एक पुस्तक ‘सितारा’ प्रकाशित हुई है, उसके बारे में कुछ बताएं।

Anurodh Kumar Shrivastava : “सितारा” कहानी व लघुकथा संग्रह है जिसमें उनतीस कहानियाँ शामिल हैं। सभी कहानियाँ प्रेरक हैं, संकलन के लिए कहानी लिखने के दौरान मेरा प्रयास रहा है कि कहानियाँ प्रेरक हो और समाज को नई दिशा प्रदान करें।

indiBooks : अनुरोध जी, आपकी नई किताब ‘सितारा’ में आपने किन विषयों को प्रमुखता से स्थान दिया है?

Anurodh Kumar Shrivastava : “सितारा” संग्रह में पर्यावरण प्रदूषण, स्त्री सशक्तिकरण, कन्या भ्रूण हत्या, देशप्रेम, सामाजिक कुरीति, अंधविश्वास आदि सामाजिक सन्दर्भ के विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है। इसके अतिरिक्त इसमें प्रेम कहानियाँ भी हैं।

indiBooks : कहानी संग्रह ‘सितारा’ की कवर स्टोरी के बारे में कुछ बताएं, और पाठकों को क्यों पढ़नी चाहिए?

Anurodh Kumar Shrivastava : पुस्तक की कवर स्टोरी “सितारा” का विषय और शीर्षक मेरे जहन में पिछले सत्ताइस वर्षों से बसा हुआ था। पहले इस पर उपन्यास लिखने का इरादा था, लेकिन परिस्थितियों और समयाभाव के कारण इसे कुछ पृष्ठों में समेटकर कहानी का रूप दे दिया। कवर स्टोरी में मानव सभ्यता के आदिम युग में कबीलों के बीच पनपती प्रेमकहानी का वर्णन है। बाकी की अन्य कहानियाँ भी समाज की बुराईयों के खिलाफ है, तो कुछ हमारे आपके बीच की है, वहीं कुछ अंधविश्वास पर प्रहार करने वाली है। इसके अलावा पर्यावरण, स्त्री सशक्तिरण, कन्या भ्रूण हत्या आदि जैसे कई विषयों को लेकर भी कहानियाँ पुस्तक में शामिल की गई है।

indiBooks : ‘सितारा’ में आपकी सबसे पंसदीदा कहानी कौन सी है, और क्यों है?

Anurodh Kumar Shrivastava : किसी भी लेखक के लिए यह बहुत ही ज्यादा मुश्किल सवाल है, क्योंकि लेखक किसी भी रचना के लिए काफी समय देता है, कई बार लेखक को एक रचना के लिए कई दिन भी लग जाते है। इसलिए लेखक के लिए अपनी रचनाओं में से बेहतरीन रचना का चुनाव करना आसान नहीं है। लेकिन आपके सवाल का जवाब तो देना ही होगा, मेरा जवाब है कि मुझे इसकी सभी कहानियां पसन्द हैं। वहीं आपके सवाल के अनुसार कि कौन कहानी सबसे पसंदीदा है, तो मेरी पसंदीदा कहानियाँ “सितारा”, “स्वर्ग सी धरती”, “प्रपंचतंत्र”, “रावण दहन”, “बोनसाई”, “कमली” आदि हैं।

indiBooks : अनुरोध जी, ‘सितारा’ एक कहानी एवं लघुकथा संकलन है, आपके अनुसार कहानियाँ व लघुकथाएँ पाठकों को कितना पसंद आएगी?

Anurodh Kumar Shrivastava : मौजूदा समय में टी.वी., मोबाइल आदि के द्वारा सोशल मीडिया तक आसान पहुँच के कारण पुस्तक पढ़ने की रूचि लोगों में कम हुई है। आशा है छोटी-छोटी लघुकथाएं पाठकों को ज्यादा पसंद आयेगी।

indiBooks : ‘सितारा’ के लेखन से लेकर प्रकाशन तक आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त हुआ?

Anurodh Kumar Shrivastava : ‘सितारा’ लघुकथा संकलन के लेखन से लेकर प्रकाशन तक की प्रक्रिया में मेरी पत्नीं और दोनों पुत्रों का सहयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है।

अनुरोध कुमार श्रीवास्तव जी की पत्नी एवं पुत्र पुस्तक ‘सितारा’ को पढ़ते हुए।
अनुरोध कुमार श्रीवास्तव जी के पुत्र पुस्तक ‘सितारा’ को पढ़ते हुए।

indiBooks : पहली पुस्तक से लेकर ‘सितारा’ के प्रकाशन तक का सफर कैसा रहा?

Anurodh Kumar Shrivastava : अब तक पुस्तक प्रकाशन के लिए “प्राची डिजिटल पब्लिकेशन” से प्रकाशन का अनुभव विशेष सराहनीय है।

indiBooks : अनुरोध जी, परिवार के लिए समय और राजकीय सेवा के साथ साहित्य सेवा, फिर मित्र मंडली में भी शामिल होना आदि को आप कैसे मैनेज करते हैं?

Anurodh Kumar Shrivastava : बस आप सबके सहयोग और इष्टदेव “हनुमान जी” के आशीर्वाद से सब सम्भव हो रहा है।

indiBooks : अनुरोध जी, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहेंगें?

Anurodh Kumar Shrivastava : सोशल मीड़िया और ड़िजिटल आभासी दुनियाँ चाहे जितनी विस्तृत हो जाए पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं हैं। अच्छी पुस्तकें और सद्साहित्य मानव के सच्चे मित्र हैं।

अनुरोध कुमार श्रीवास्तव जी का पूर्व में प्रकाशित साक्षात्कार पढ़ें।

About the Book

The story and short story collection ‘Sitara’ is written by writer and poet Anurodh Kumar Shrivastava. In the story and short story compilation ‘Sitara’, each story has a different style and different character. Along with the story there is a simple description of the environment and the mysteries of the universe. This book is a compilation of story and short story genre. The stories and short stories in this compilation are based not only on imagery, but on the experiences drawn from society. Readers will see new types of crafts and symbols in stories. Not only hope but complete belief that this compilation will gain the love and trust of the discerning readers.

prachi

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here