‘वो चाँद जैसी लड़की’ काव्य संग्रह के लेखक अमित सक्सेना जी से साक्षात्कार

0
91

जनवरी, 2020 प्रथम सप्ताह में अमित सक्सेना जी की पुस्तक ‘वो चाँद जैसी लड़की’ काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है। indiBooks द्वारा अमित जी का साक्षात्कार किया गया और साक्षात्कार में हमने उनकी किताब, जीवन और साहित्य अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त की। अमित जी ने हमारे सवालों के बहुत सुन्दर जवाब दिये। पेश हैं आपके लिए साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश-

indiBooks : अमित जी, नमस्कार। हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। यदि आप अपने शब्दों में आप अपना परिचय देंगें, तो सम्मानित पाठक आपके बारे मे ज्यादा जान पायेंगे?

Amit Saxena : मेरा नाम अमित सक्सेना है और पेशे से मैं एक टीचर हूँ। मैंने गाजियाबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज से B.Tech किया है, फिर मेरठ यूनिवर्सिटी से B.Ed किया है।

indiBooks : अमित जी, पिछले दिनों आपकी नई किताब ‘वो चाँद जैसी लड़की’ प्रकाशित हुई है, उसके बारे में कुछ बताएं।

Amit Saxena : इस पुस्तक में मेरी शायरी, ग़ज़ल और नज़्म का संकलन है।

indiBooks : अमित जी, अब तक आपकी कितनी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं हैं?

Amit Saxena : ये मेरी दूसरी किताब है। अब तक मेरी 2 किताबे प्रकाशित हो चुकी है।

indiBooks : अमित जी, पुस्तक प्रकाशन के लिए विचार कैसे बना या कैसे प्रेरणा मिली?

Amit Saxena : मैं अपनी ग़ज़ल, नज़्म और शायरी को प्रकाशित करवाना चाहता था और साहित्य में योगदान देना चाहता हूँ।

indiBooks : अमित जी, आपकी पुस्तकों के लिए लेखन से लेकर प्रकाशन तक आपके मित्र या परिवार या अन्य में सबसे ज्यादा सहयोग किससे प्राप्त हुआ?

Amit Saxena : मुझे अपने दोस्तो से सहयोग प्राप्त हुआ।

indiBooks : अमित जी, किसी भी लेखक या लेखिका के लिए पहली प्रकाशित पुस्तक बहुत ही मायने रखती है और उसके प्रकाशन का अनुभव बहुत खास होता है। क्या आप प्रथम प्रकाशन के उस अनुभव को हमारे पाठकों के बीच साझा करेंगे?

Amit Saxena : मेरी पहली पुस्तक का नाम ‘तेरी यादे’ था, जो किताब मैंने एक प्रकाशक से पब्लिश करवाई थी। मैं उनसे संतुष्ट नहीं था।

indiBooks : अमित जी, पिछले दिनों ही प्रकाशित पुस्तक ‘वो चाँद जैसी लड़की’ को पाठक को क्यों पढ़नी चाहिए? ऐसा कोई पूछे तो आपका जवाब क्या रहेगा?

Amit Saxena : इस किताब में मेरी चुनिंदा ग़ज़लें, नज़्म और शायरी शामिल है। एक नए लेखक को मेरी किताब से काफी कुछ नया सीखने को मिलेगा इसलिए इस किताब को पढ़ना चाहिए।

indiBooks : पुस्तक ‘वो चाँद जैसी लड़की’ के लिए रचना लेखन, चयन से लेकर प्रकाशन प्रक्रिया तक के अनुभव को साझा करना चाहेंगें? ताकि आपके अनुभव से नये लेखक कुछ अनुभव प्राप्त कर सकें।

Amit Saxena : मैं प्राची डिजिटल पब्लिकेशन से सिर्फ संतुष्ट ही नहीं बल्कि खुश भी हूँ। इन्होंने मेरा काफी सहयोग किया।

indiBooks : अमित जी, आप साहित्य सृजन कब से कर रहें हैं, अब तक अर्जित उपलब्धियों की जानकारी देना चाहेंगे?

Amit Saxena : जब मैं B. Tech के अंतिम वर्ष में था, तब से साहित्य सृजन कर रहा हूँ। अब तक मेरी कुछ रचनाएं दिल्ली प्रेस से संपादित और प्रकाशित पत्रिका सरिता में प्रकाशित हो चुकी है।

indiBooks : अमित जी, आप सबसे ज्यादा लेखन किस विद्या में करते है? और क्या इस विद्या में लिखना आसान है?

Amit Saxena : मुझे ग़ज़ल और नज़्म लिखना ज्यादा पसंद है और नज़्म लिखना मुझे ज्यादा आसान लगता है।

indiBooks : अमित जी, आपकी रचनाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत क्या है?

Amit Saxena : मेरे दोस्त जो मेरी रचनाओं पर अपनी प्रतिक्रियाएँ देते है।

indiBooks : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना चाहेंगें?

Amit Saxena : बशीर बद्र और आनंद बख्शी साहब, बशीर बद्र जी की आस मैं हमेशा पढ़ना चाहूँगा।

indiBooks : अमित जी, आप परिवार और शिक्षा सेवा में कार्यरत रहकर साहित्य सृजन के लिए समय कैसे निकालते हैं?

Amit Saxena : खाली वक्त निकालकर साहित्य सृजन करता हूँ।

indiBooks : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?

Amit Saxena : हिंदी हमारी मातृ भाषा है हिन्दी भाषा और साहित्य का उत्थान हमारे द्वारा होना है चाहिए।

indiBooks : शिक्षण कार्य और साहित्य सृजन के अलावा अन्य शौक या हॉबी, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

Amit Saxena : गाना सुनना और चेस खेलना।

indiBooks : अब तक पुस्तक प्रकाशन के दौरान प्रकाशन अनुभव और प्रकाशकों के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?

Amit Saxena : बहुत अच्छा रहा।

indiBooks : अमित जी, क्या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?

Amit Saxena : अगली पुस्तक मैथ्स पर आधारित रहेगी।

indiBooks : साहित्य की दुनिया में नये-नये लेखक आ रहे है, उन्हें आप क्या सलाह देगें?

Amit Saxena : सभी नये लेखकों को मेरी तरफ से अग्रिम शुभकामनाएं है और साहित्य की फील्ड में स्वागत है।

indiBooks : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?

Amit Saxena : हाँ! बिल्कुल।

indiBooks : अमित जी, यह अंतिम प्रश्न है, आप अपने अज़ीज शुभचिन्तकों, पाठकों और प्रशंसकों के लिए क्या संदेश देना चाहेंगें?

Amit Saxena : मैं उनसे यही कहना चाहूँगा कि मेरी किताब ‘वो चांद जैसी लड़की’ को पढ़े और मुझे बताए कि उन्हे कैसे लगी। आपके कमेंट का स्वागत रहेगा।

About the Book

Woh Chand Jaisi Ladki’ contains selected poems and compositions by author Amit Saxena. The author holds a BTech (Information Technology) from Uttar Pradesh Technical University and a B.Ed degree from Chaudhary Charan Singh University, Meerut.

prachi

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here