महिला प्रधान साझा काव्य संकलन ‘नारी तू अपराजिता’ की एक कवयित्री सीमा शर्मा जी से साक्षात्कार

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पिछले दिनों प्राची डिजिटल पब्लिकेशन द्वारा एक महिला प्रधान साझा काव्य संकलन ‘नारी तू अपराजिता‘ प्रकाशित किया गया है, जिसका संपादन प्रीति चौधरी ‘मनोरमा’ जी द्वारा किया गया है। ‘नारी तू अपराजिता’ में देशभर से चुन्निदा कवयित्रियों की रचनाएं शामिल हैं, जिनमें से एक कवयित्री सीमा शर्मा जी का साक्षात्कार प्रकाशित किया जा रहा है। प्रस्तुत है ‘नारी तू अपराजिता’ प्रधान साझा काव्य संकलन की एक कवयित्री सीमा शर्मा जी से साक्षात्कार-

indiBooks : हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। क्या आप हमारे पाठकों को अपने शब्दों में परिचय देंगें?

Seema Sharma : मेरा नाम सीमा शर्मा है। मैं सेकेंडरी में हिंदी शिक्षिका हूँ। शिक्षक होने के साथ ही अपने विद्यालय विभाग प्रमुख भी हूँ। मेरी शिक्षा आगरा से हुई। मैने M.A, B.ed की शिक्षा प्राप्त की है। संस्कृत में प्रथम दीक्षा की शिक्षा भी ली है।

indiBooks : क्या आप अपनी प्रकाशित पुस्तकों के बारे में बताना चाहेंगे?

Seema Sharma : संजय उपाध्याय द्वारा लिखित पुस्तक की समीक्षा की तथा कई कविताएं तथा लेख न्यूज़ पत्रिका और अपने विद्यालय की पत्रिका में लेखन कार्य किया है। वर्तमान में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को लेखन के लिए प्रोत्साहित करते है।

indiBooks : पिछले दिनों प्रकाशित साझा संकलन ‘नारी तू अपराजिता’ में आपकी रचनाएं भी शामिल की गईं है, क्या आप इस साझा संकलन के बारे में बताएंगें?

Seema Sharma : मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि मुझे इसके नाम ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया और इसका संपादन भी एक सशक्त नारी प्रीति चौधरी जी द्वारा किया गया है। मुझे इस पुस्तक और प्राची डिजिटल पब्लिकेशन से जुड़कर अत्यंत खुशी महसूस हो रही है।

indiBooks : आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?

Seema Sharma : ऐसा कुछ नहीं है, लेकिन मैं कविताएं, लेख और हास्य नाटक मुख्य रूप से लिखती हूँ। भविष्य में अन्य विधाओं में भी लिखूंगी।

indiBooks : किसी भी लेखक या लेखिका के लिए पहली प्रकाशित पुस्तक बहुत ही मायने रखती है और उसके प्रकाशन का अनुभव बहुत खास होता है। क्या आप प्रथम प्रकाशन के उस अनुभव को हमारे पाठकों के बीच साझा करेंगे?

Seema Sharma : मेरी कई रचनाएं पुस्तक Voice of Witheen में प्रकाशित हो चुकीं है, जो मेरे लिए खुशी का पल था, लेकिन बतौर एक लेखिका ‘दबोचिया’ और ‘नारी तू अपराजिता’ में शामिल होने पर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ‘नारी तू अपराजिता’ पर मुझे विश्वास था एक उत्तम पुस्तक होगी।

indiBooks : आप साहित्य सृजन कब से कर रहें हैं, अब तक अर्जित उपलब्धियों की जानकारी देना चाहेंगे?

Seema Sharma : जी हाँ! पाठकों द्वारा मेरी कई कविताएं पसंद की गई। दो बार पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। मैं पिछले कई वर्ष से लिख रही हूँ। सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के पुरस्कार ने मुझे प्रोत्साहन दिया। वर्तमान में जिस विद्यालय में मैं कार्यरत हूँ, वहाँ से भी मुझे काफी प्रोत्साहन मिलता है।

indiBooks : क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं?

Seema Sharma : जी जरूर, मैं फिर से प्राची डिजिटल पब्लिकेशन की आगामी पुस्तक उड़ान के लिए लिख रही हूँ। इसके साथ ही एक एकल पुस्तक भी लिख रहीं हूँ, जिसका प्रकाशन मैं प्राची डिजिटल पब्लिकेशन के माध्यम से करवाना चाहती हूँ।

indiBooks : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना चाहेंगें?

Seema Sharma : मुझे नरेंद्र कोहली की पुस्तकें पढ़ना बहुत पसंद है। अभ्युदय, महासमर जैसी पुस्तके जो प्राचीन कहानियों को नवीनता अथवा वैज्ञानिकता से पेश करते है। महाश्वेता की द्रौपदी ने मुझे प्रभावित किया। गालिब, राहत इंदौरी, काका हाथरसी को पढ़ना भी पसंद है।

indiBooks : लेखन के अलावा आपके अन्य शौक क्या हैं, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?

Seema Sharma : खाली समय में लिखना, पढ़ना और अपने विषय को और कैसे नवीनता से प्रस्तुत करूं, इस पर विचार विमर्श करती हूँ। इसके अलावा महिला मंच के लिए लिखना बस यही रहता है।

indiBooks : आपके जीवन की कोई ऐसी प्रेरक घटना जिसे आप हमारे पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगे?

Seema Sharma : मैने एक भाषण अपने पूर्व में कार्यरत स्कूल की प्रिंसिपल के लिए लिखा था और वहां से ही मुझे प्रोत्साहन मिला कि मैं अच्छा लिख सकती हूँ और उसके बाद से कोशिश जारी है।

indiBooks : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?

Seema Sharma : हिंदी का कम से कम भारत में सम्मान होना चाहिए। हिंदी में लिखने और पढ़ने के नवीनतम प्रयोग होने चाहिए। जैसे प्राची डिजिटल पब्लिकेशन The साहित्य के माध्यम से कर रहे हैं। इसके लिए आपको बधाई।

indiBooks : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?

Seema Sharma : जी बिल्कुल, अंतिम समय तक।

indiBooks : अपने पाठकों और प्रशंसकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?

Seema Sharma : मैं सम्मानित पाठकों को यही संदेश देना चाहूंगी कि कलम वो ताकत है जो तलवार की धार से तेज होती है। इस कलम की धार को तेज करने के लिए पठन व लेखन दोनों आवश्यक हैं। प्राची डिजिटल पब्लिकेशन बहुत अच्छा कार्य कर रहा है।

About the Book

The book “Nari Tu Aparajita” is unique and wonderful in itself, as the collection contains unique and priceless poetic works of selected poets from across the country. This compilation is also unique in itself because it includes only female poets and editing has also been done by the female editor. It is known by the name that the compilation “Nari Tu Aparajita” presents the strong role of women to the readers. In the compilation, the problems and agony of women are described through words. Whether it is any form of woman – like mother, sister, daughter, Indian, girlfriend etc. In this, the portrayal of the gentle feelings of the woman is presented to the readers in a poetic manner through words.

prachi

1 COMMENT

  1. बहुत सुंदर साक्षात्कार !
    लेखनधर्मिता के प्रति वचनबद्धता के साथ सारगर्भित उत्तर अप्रतिम।
    बहुत बहुत बधाई💐💐

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