‘अनवरत’ लघुकथा संग्रह के एक लेखक सेवा सदन प्रसाद जी से साक्षात्कार

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पिछले दिनों प्राची डिजिटल पब्लिकेशन द्वारा एक साझा लघुकथा संग्रह ‘अनवरत‘ प्रकाशित किया गया है, जिसका संपादन देवेन्द्र नारायण तिवारी ‘देवन’ जी द्वारा किया गया है। ‘अनवरत’ में देशभर से चुन्निदा रचनाकारों की रचनाएं शामिल हैं, जिनमें से एक लेखक सेवा सदन प्रसाद जी का साक्षात्कार प्रकाशित किया जा रहा है। प्रस्तुत है ‘अनवरत’ साझा लघुकथा संग्रह के एक लेखक सेवा सदन प्रसाद जी से साक्षात्कार-

indiBooks : हम आपका शुक्रिया करना चाहते हैं क्योंकि आपने हमें साक्षात्कार के लिए अपना कीमती समय दिया। क्या आप हमारे पाठकों को अपने शब्दों में परिचय देंगें?

Sewa Sadan Prasad : मैं सेवा सदन प्रसाद, एयर इंडिया में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हूँ और अब वर्तमान में स्वतंत्र लेखन एवं अध्ययन में सक्रिय हूँ।

indiBooks : अब तक प्रकाशित पुस्तकों के बारे में कुछ बताएं?

Sewa Sadan Prasad : मेरी अब तक कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं है, जिनमें टुकड़ा टुकड़ा सच ( लघुकथा संग्रह 2011), सच का दर्पण ( लघुकथा संग्रह 2017), शब्द लिखेंगे इतिहास ( संपादन, साझा लघुकथा संकलन 2018), मेरी सर्वश्रेष्ठ लघुकथाएं ( लघुकथा संग्रह 2019), चेहरे पर चेहरा ( कहानी संग्रह 2021) आदि प्रमुख हैं।

indiBooks : पुस्तक प्रकाशन के लिए विचार कैसे बना या कैसे प्रेरित हुए?

Sewa Sadan Prasad : पत्र–पत्रिकाओं में काफी रचनाएं प्रकाशित हुई। फिर कुछ रचनाएं चर्चित एवं पुरस्कृत हुई, तब संग्रह एवं संकलन निकालने का विचार आया ताकि रचनाएं काफी लोगों तक पहुंच सकें।

indiBooks : आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?

Sewa Sadan Prasad : वैसे मैं कविता, गीत, गजल, कहानी, लघुकथा के साथ ही हर विधा में लिख लेता हूँ, लेकिन लघुकथाएं अधिक लिखता हूँ। लघुकथा से ही मेरी पहचान बनी है।

indiBooks : किसी भी लेखक या लेखिका के लिए पहली प्रकाशित पुस्तक बहुत ही मायने रखती है और उसके प्रकाशन का अनुभव बहुत खास होता है। क्या आप प्रथम प्रकाशन के उस अनुभव को हमारे पाठकों के बीच साझा करेंगे?

Sewa Sadan Prasad : जब मेरी प्रथम लघुकथा संग्रह ‘टुकड़ा टुकड़ा सच’ उद्योग प्रकाशन, दिल्ली से प्रकाशित हुआ तो बहुत खुशी हुई। तब लगा लेखक के रूप में पहचान बन गई है।

indiBooks : आप साहित्य सृजन कब से कर रहें हैं, अब तक अर्जित उपलब्धियों की जानकारी देना चाहेंगे?

Sewa Sadan Prasad : मै बचपन से ही कुछ न कुछ लिखता रहा हूँ। पहले सिर्फ गीत, गजले एवं कविताएं लिखा करता था। फिर कहानियां लिखने लगा। बाद में मंटो से प्रेरित होकर एवं साहित्यिक पत्रिका ‘सारिका’ के समय से ही लघुकथाएं लिखने लगा। वहीं, मैं कमलेश्वर द्वारा लिखित संपादकीय से सदा ही प्रेरित रहा।

indiBooks : क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं?

Sewa Sadan Prasad : भविष्य में अब तक अपनी प्रकाशित लघुकथाओं में से चर्चित, पुरस्कृत, चुनिंदा लघूकथाओ का संग्रह एवं सम सामयिक विषयों पर एक कहानी संग्रह भी प्रकाशित करवाना चाहता हूँ।

indiBooks : हर लेखक का अपना कोई आईडियल होता है, क्या आपका भी कोई आईडियल लेखक या लेखिका हैं? और आपकी पसंदीदा किताबें जिन्हें आप हमेशा पढ़ना चाहेंगें?

Sewa Sadan Prasad : कहानी एवं उपन्यास में प्रेमचंद मेरा पसंदीदा लेखक है और लघुकथा में मंटो।

indiBooks : आपके जीवन की कोई ऐसी प्रेरक घटना जिसे आप हमारे पाठकों के साथ साझा करना चाहेंगे?

Sewa Sadan Prasad : एक बार मुंबई में बस की लाईन में खङा था तभी एक लड़का भीख मांगने आया। उसके हाथ में एक थाली थी और उसमें भगवान की मूर्ति। लोग एक दो रूपये दे रहे थे। वह मेरे पास भी आया। मैंने पूछा– भगवान की मूर्ति लेकर भीख क्यों मांगते हो?

तब उसने जवाब दिया– इसकी ही तो कृपा है वरना मुझ असहाय पर कौन तरस खाता है। तब मैंने एक लघुकथा लिखा– भीख, मुझे समझ में नहीं आया कि लोग भीख उस लड़के को दे रहे थे या भगवान को। ‘भीख’ लघुकथा काफी चर्चित हुई, उसका विडियो बना और मेरी लघुकथाकार के रूप में पहचान भी बनी।

indiBooks : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?

Sewa Sadan Prasad : हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है और हिंदी बोलने में गर्व महसूस करना चाहिए।

About the Book

‘Anvarat’ short story compilation is an appraisal of true events, on one hand while there are childhood rites in this book, on the other hand it is a civilization that teaches the rites to the inferior human. Somewhere the hero-heroine’s love is tested, and elsewhere the maternal love is synonymous with life. Somewhere there is a satirical attack on politics, and somewhere there is a defeat from the loved ones leaving the eyes moist.

prachi

1 COMMENT

  1. सारगर्भित साक्षात्कार सेवा सदन जी बधाई आपको
    यू ही साहित्य सेवा करते रहे ।

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