साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के लेखक नाम बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ जी से साक्षात्कार

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नन्हें-मुन्नों के लिए सृजित साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के सभी सम्मानित लेखकों से एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार indiBooks द्वारा किया गया है। बता दें कि ‘बाल काव्य’ साझा काव्य संग्रह का संपादन खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’, अर्चना पांडेय ‘अर्चि’, निकिता सेन’दीप’ और डॉ. मीना कुमारी सोलंकी ‘मीन’ जी द्वारा किया गया है। संपादकीय टीम द्वारा रचनाओं का स्तरीय चयन और संपादन कार्य बहुत ही शानदार है, जिसके लिए indiBooks की ओर से पुन: ढ़ेरों शुभकामनाएँ। इसी सीरीज़ में हम आपके लिए काव्य संग्रह के एक लेखक बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ जी का साक्षात्कार आपके लिए प्रस्तुत कर रहें है।

indiBooks – यदि आप अपने शब्दों में हमारे और आपके सम्मानित पाठकों को अपना परिचय देंगें, तो पाठकों बहुत अच्छा लगेगा?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : मैं बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ पुत्र श्री छीतर मल सैनी राजस्थान से हूँ। वर्तमान में वरिष्ठ अध्यापक (हिंदी) राजकीय माध्यमिक विद्यालय सलेदीपुरा खंडेला जिला सीकर राजस्थान के पद पर कार्यरत हूँ। मैने साहित्याचार्य, एम ए हिंदी, संस्कृत, शिक्षा शास्त्री की शिक्षा प्राप्त की है।

शिक्षा के के क्षेत्र में प्रशस्ति पत्र – श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम 2019 (जिला शिक्षा अधिकारी सीकर), श्रेष्ठ मास्टर ट्रेनर (एसआईक्यूई खंडेला) प्राप्त हुए हैं।

पाठक एवं प्रशंसक मुझसे मोबाइल नंबर – 8769764786, 9413086000 और ईमेल -sainibadal82@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

वर्तमान/स्थायी पता : वार्ड संख्या 11 ईदगाह मस्जिद के सामने बस स्टैंड खंडेला जिला सीकर राजस्थान-332709

indiBooks – हाल ही में आपका साझा बाल काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है, इसमें शामिल होने के पीछे क्या कारण रहा?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : एक शिक्षक होने के कारण बच्चों और उनकी भावनाओं में विशेष रूचि होने के कारण।

indiBooks – साहित्यिक सेवा के लिए आपको अब तक कितने सम्मान प्राप्त हुए हैं? क्या आप उनके बारे मे कोई जानकारी देना चाहेंगे?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : मातृभाषा गौरव सम्मान 2019, साहित्य सरोवर सम्मान, विचार सृजन सम्मान, हिन्दी गौरव सम्मान 2019, दिल्ली साहित्य रत्न सम्मान 2019, श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान (साहित्य संगम संस्थान), भगत सिंह नवोदित साहित्यकार सम्मान 2019,शाश्वत शृंगारिक सम्मान 2019, बेस्ट फॉर घनाक्षरी अवार्ड 2019(मीन साहित्य संस्कृति मंच हरियाणा), अनुभव साहित्य सृजन सम्मान, शब्द सुगंध सम्मान, वृक्ष मित्र सम्मान, साहित्य संगम संस्थान का श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान, सारा सच हमारी वाणी सम्मान आदि अनेक साहित्यिक सम्मान।

indiBooks – आपकी पहली पुस्तक के बारे में बताएं? और कब प्रकाशित हुई थी?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : पहली पुस्तक साहित्य सरोवर (साझा संग्रह) है जो 2019 में प्रकाशित हुई है। पाँच साझा संकलन व एक व्यक्तिगत काव्य संग्रह बेतरतीब पंखुड़ियाँ प्रकाशनाधीन हैं।

indiBooks – आप कब से लेखन कर रहें हैं और पुस्तक प्रकाशित करने का विचार कैसे बना?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : मैं लेखन 2012 से कर रहा हूँ लेकिन सही गति अगस्त 2019 से मिली है। इसके अलावा कलाम, आर्यावर्त, काव्य कलश, जननायक (ई-बुक) साहित्य सरोवर, बापू:कल, आज और कल, काव्य -सागर, अश्क प्रीत के, प्रीत मीत से, काव्यांजलि, तेरे मेरे अल्फाज भाग एक एवं भाग दो, नव किरण, दिल के अल्फाज़, मैं निःशब्द हूँ, सरस्वती, अमिय प्रसून, (साझा संकलन) जनभाषा हिंदी डॉट कॉम, प्रतिलिपि, सलाम हिंदी, स्टोरी मिरर, साहित्य संगम, मेरी कविता मेरा ट्रेंड (वेबपेज), अमर उजाला काव्य पर 150 से अधिक कविताओं का प्रकाशन।

indiBooks – पहली पुस्तक के प्रकाशन के दौरान अनुभव कैसा रहा?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : ऐसा लगा कि जैसे इधर उधर भटकती लहरों को किनारा मिल गया हो।

indiBooks – आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : मुक्त छंद एवं सनातनी छंदों में।

indiBooks – आप अपनी रचनाओं के लिए कहां से प्रेरणा प्राप्त करते हैं?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : सामयिक घटनाओं, पौराणिक आदर्शों और हृदय के भावों से।

indiBooks – आपके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धि, जिसे आप हमारे और अपने पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहेंगे?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : अगस्त 2019 के बाद एक के बाद एक लगातार पन्द्रह से अधिक काव्य संग्रहों का प्रकाशन।

indiBooks – आपका सबसे प्रिय बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ / लेखिका और उनकी रचनाएँ / किताब?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : बाबा नागार्जुन और निराला जी।

indiBooks – हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : निरंतर सार्थक और समाजोपयोगी सृजन होते रहना चाहिए।

indiBooks – वर्तमान व्यवसाय और लेखन के अलावा आपके अन्य शौक क्या हैं, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : पुस्तक पढ़ना।

indiBooks – अब तक प्रकाशकों के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : बहुत बहुत अच्छा।

indiBooks – अपने पाठकों और प्रशंसकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : एक अच्छा पाठक ही अच्छा लेखक बन सकता है अतः पढ़ते रहना चाहिए।

indiBooks – क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : हिंदी व्याकरण और काव्य शास्त्रीय ग्रंथ।

indiBooks – नवोदित लेखकों को क्या सलाह देना चाहेगें?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : समाज की अच्छाइयों को उभारने और बुराइयों का खंडन करते हुए सार्थक सृजन करें।

indiBooks – क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?
बजरंग लाल सैनी ‘वज्रघन’ : बेशक लेखन मेरा जुनून है।

About the ‘Bal Kavya – Poetry Collection’

‘बाल कविता’ यानी बच्चों के लिए लिखी गयी कविता, जिसमें बच्चों की शिक्षा, जिज्ञासा, संस्कार एवं मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर रचना की गई हो। वह चाहे माँ की लोरियों के रूप में हो, या पिता की नसीहतों के रूप में, या बच्चों के आपस के खेल-खेल में हो। इसमें भले ही निरर्थक शब्दों की ध्वनियाँ होती हैं, पर बड़ी आकर्षक होती हैं। ऐसी ही कविताओं को इस साझा संग्रह में शामिल किया गया है, जो नन्हें बच्चों को बहुत पसंद आयेगी।

prachi

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