Ranjana Singh

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Prachi

रंजना सिंह जी कवयित्री व लेखिका हैं और शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत है। रंजना सिंह जी रचनाएं, आलेख राष्ट्रीय स्तर की कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। रंजना सिंह जी दोहा, छंद मुक्त कविता, लघु कथा, आलेख और गज़ल इत्यादि विद्याओं में लेखन करतीं है। रंजना सिंह जी को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक सृजन के लिए कई साहित्यिक संस्थानों द्वारा सम्मानित किया जा चुका हैं। रंजना सिंह जी अब तक कई साझा संकलनों में सक्रिय भूमिका में रहीं हैं।

व्यक्तिगत परिचय

जन्म तिथि : 11 नवंबर, 1976

शिक्षा : स्नातकोत्तर (आधुनिक इतिहास) बी.एड

सम्प्रति : शिक्षिका, उत्क्रमित मध्य विद्यालय देवरा, बिहार और इंद्रप्रस्थ लिट्रेचर फेस्टिवल, नई दिल्ली द्वारा बिहार प्रान्त की अध्यक्षा।

उपलब्धियां : नेपाल भारत मैत्री वीरांगना फाउंडेशन, रौतहट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कवि कुम्भ महोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित, विश्व पुस्तक मेला में नारायणी साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा सम्मानित”, हिंदी भाषा साहित्य परिषद(खगड़िया) द्वारा सम्मानित, पुष्पवाटिका परिवार द्वारा “सारस्वत सम्मान”, जयमंगला महोत्सव”2018” में जयमंगला फाउंडेशन द्वारा, भारत उत्थान न्यास, कानपुर एवं वृंदावन शोध संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में ‘सारस्वत सम्मान’ से सम्मानित, महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर कार्य करने के लिए दैनिक “प्रभात खबर” की ओर से “अपराजिता- 2018” सम्मान

अभिरुचि : शिक्षण, लेखन एवं महिलासशक्तिकरण हेतु विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करवाना।

लेखन विधा : दोहा, छंद मुक्त कविता, लघु कथा, आलेख, गज़ल इत्यादि

प्रकाशित पुस्तकें

  1. नारी तू अपराजिता (महिला प्रधान साझा काव्य संकलन)
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