साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के संपादक व लेखक खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’ जी से साक्षात्कार

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नन्हें-मुन्नों के लिए सृजित साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के सभी सम्मानित लेखकों से एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार indiBooks द्वारा किया गया है। बता दें कि ‘बाल काव्य’ साझा काव्य संग्रह का संपादन खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’, अर्चना पांडेय ‘अर्चि’, निकिता सेन’दीप’ और डॉ. मीना कुमारी सोलंकी ‘मीन’ जी द्वारा किया गया है। संपादकीय टीम द्वारा रचनाओं का स्तरीय चयन और संपादन कार्य बहुत ही शानदार है, जिसके लिए indiBooks की ओर से ढ़ेरों शुभकामनाएँ। हम आपके लिए सबसे पहले काव्य संग्रह के संपादक खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’ जी का साक्षात्कार आपके लिए प्रस्तुत कर रहें है।

indiBooks : खेम सिंह जी, यदि आप अपने शब्दों में अपना परिचय सम्मानित पाठकों को दे, तो पाठकों बहुत अच्छा लगेगा?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मैं खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” पुत्र श्री मग सिंह और माता श्रीमती लक्ष्मी कंवर हूँ। मेरा जन्म 15 दिसंबर 1999 को राजस्थान के जिला जोधपुर में हुआ है। अभी वर्तमान में लेखन एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हूँ।
अब तक मेरी ‘मैं एक सिविल विद्यार्थी, सेवा मेरा लक्ष्य”, ‘मानवता का त्रास”, ‘मुस्कान जरा दिल में बस जा”, ‘कहां गया वो बचपन, लोक कल्याण का मार्ग दिखाओ, वसंत ऋतु, बन्धन प्रेम का, नारी उत्पीड़न देश प्रेम संग, क्यों होता ये अक्सर मेरे साथ, हिन्द देश वतन मेरा हिन्द, हम है हिन्दुस्तानी आदि जैसी कई रचनाएं प्रकाशित हो चुकी है।

indiBooks : हाल ही में आपका साझा बाल काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है, इसमें शामिल होने के पीछे क्या कारण रहा?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : बाल काव्य संग्रह के माध्यम से हम देश में बच्चों को अपने बचपन में होने वाली घटनाओं से रुबरु करवाकर वर्तमान बचपन को भी वैसा ही बनाने के लिए एक संदेश देंगे ताकि छोटी उम्र में बच्चे मोबाइल के दुष्प्रभाव से दूर रहे।

indiBooks : साहित्यिक सेवा के लिए आपको अब तक कितने सम्मान प्राप्त हुए हैं? क्या आप उनके बारे मे कोई जानकारी देना चाहेंगे?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : पद्म पुरस्कार 2020, COVID19 के खिलाफ जागरूकता अभियान में उत्कृष्टता पुरस्कार, साहित्य प्रसून सम्मान 2020, सखी साहित्य सम्मान 2020, राजीव गांधी उत्कृष्ट विद्यार्थी पुरस्कार, मीन साहित्य संस्कृति संस्थान द्वारा सजग साहित्यकार पुरस्कार और राजस्थान राज्य सरकार के शिक्षा से जुड़े कुछ पुरस्कार।

indiBooks : आपकी पहली पुस्तक के बारे में बताएं? और कब प्रकाशित हुई थी?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मेरी पहली पुस्तक जो कि ‘बन्धन प्रेम का’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। यह एक साझा संग्रह है जो 2019 के अंत में प्रकाशित हुई। दूसरा साझा काव्य संग्रह जिसका नाम ‘हिन्द देश’ है वो भी ‘बाल काव्य’ के साथ प्रकाशित हो रही है।

indiBooks : आप कब से लेखन कर रहें हैं और पुस्तक प्रकाशित करने का विचार कैसे बना?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मैने लिखने का कार्य स्नातक (2018) में पैर रखते ही शुरू किया। अभी यह कार्य मुझे बहुत आगे ले आया है। लेखन कार्य से मेरी एक आदर्श छवि बन गई।

indiBooks : पहली पुस्तक के प्रकाशन के दौरान अनुभव कैसा रहा?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : जब कभी कोई पहला काम जीवन में होता है तो उसकी उत्तेजना बहुत अधिक होती है। पहली पुस्तक चाहे कैसी भी हो लेकिन मेरे लिए मेरे जीवन में कीमती उपहार से कम मायने नहीं रखती।

indiBooks : आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मेरी पसंदीदा लेखन शैली में तुकांत कविता, वर्तमान युग की समस्याओं पर तीखा कटाक्ष और बिना जान पहचान के लोगों को भी अपनी ओर से जितना हो सके सही गलत के बारे में तर्क वितर्क करना। मेरे लिए मेरा कवि कर्म है लोगों की कमियों को उजागर करके उनको दूर करने का प्रयत्न करना।

indiBooks : आप अपनी रचनाओं के लिए कहां से प्रेरणा प्राप्त करते हैं?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मेरी रचनाओं के प्रेरणा स्रोत मेरे गुरुदेव श्रीमान चंपालाल जी, हिमांशु जी, यशपाल जी, अर्चना जी है जिन्होंने अपने अमूल्य योगदान से मुझे आगे बढ़ने के पग पग पर मेरा साथ दिया।

indiBooks : आपके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धि, जिसे आप हमारे और अपने पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहेंगे?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मेरे जीवन में सबसे यादगार पल के रूप में अगर कुछ है तो वह मेरे जीवन की वह घटना है जब मेरे गुरुजी श्रीमान आसू सिंह जी(चाचाजी भी) द्वारा मुझे सुधारने के लिए मेरी पिटाई की। इस पिटाई ने मेरे जीवन में वो मोड़ लाकर खड़ा किया जिसके बाद मेरा विद्यालय से इतना लगाव हो गया था कि आपातकाल स्थिति में भी विद्यालय नहीं जाना एक घुटन महसूस होना जैसा लगता था। वो पल उस समय मेरे लिए भले ही कष्ट दर्द भरा रहा हो लेकिन अब मुझे उसकी कीमत समझ आ गई कि अगर उस दिन मेरे गुरुजी मुझे नहीं पीटते तो आज शायद इस लेखकीय उपाधि से कोसों दूर होता।

indiBooks : आपका सबसे प्रिय खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” / लेखिका और उनकी रचनाएँ / किताब?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : जयशंकर प्रसाद मेरे सबसे आदर्श है। इसके साथ साथ छायावाद के चारों स्तम्भ कवि सुमित्रनंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला व महादेवी वर्मा इन चारों की रचनाएं मुझे लिखने की दनिया प्रदान करती है। प्रेमचन्द के उपन्यास आदर्श है।

indiBooks : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : हिंदी भाषा के प्रचार – प्रसार में वर्तमान में लेखक – लेखिकाएं पूर्ण स्तर पर अपना योगदान दे रहे हैं। इसको और बेहतर बनाने के लिए सामान्य जन तक शिक्षा की व्यवस्था करना जरूरी है क्योंकि शिक्षा के बिना मातृभाषा समझना थोड़ा कठिन हो जाता है। वर्तमान में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ रहे बच्चों को इसकी जानकारी देना अत्यावश्यक है। साहित्य का क्षेत्र वर्तमान में अपनी पराकाष्ठा पर है। कवि कर्म आमदनी न होकर अगर मानव कल्याण या परिवर्तन हो जाए तो यह बहुत आगे जा सकता है।

indiBooks : वर्तमान व्यवसाय और लेखन के अलावा आपके अन्य शौक क्या हैं, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : खाली समय मेरा लेखन कला के अलावा कभी – कभी खेलना, सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की मदद करना, कुछ नया करने के लिए खुद से तर्क वितर्क करना। इसके अलावा मेरा समय पढ़ाई से बाहर कहीं नहीं जाता।

indiBooks : अब तक प्रकाशकों के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मेरे साथ में पुस्तक प्रकाशक संबंधी आज तक कोई समस्या उनकी ओर से नहीं मिली।

indiBooks : क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मेरा लक्ष्य है प्रसिद्धि प्राप्त करना। इसके लिए लेखन और अपने सपनों को साकार करने वाली मेरी मेहनत मेरा पूर्ण साथ देंगे। अगला संपादन है देश की पावन मिट्टी।

indiBooks : नवोदित लेखकों को क्या सलाह देना चाहेगें?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : नवोदित लेखकों से एक ही सलाह है कि निस्वार्थ भाव से की गई साहित्य साधना जग प्रसिद्धि का कारण बनती है। आप भी ऐसा करके आज के तुलसीदास बन सकते है।

indiBooks : क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : लिखने पढ़ने का कार्य तो जीवन भर चलता रहता है। एक लिखो दूसरा तैयार रहता है। लेखन कार्य जारी है।

indiBooks : पाठकों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
खेम सिंह चौहान “स्वर्ण” : मैं पाठकों और प्रशंसकों को यही कहना चाहूंगा कि आप अपने जीवन में बेहतर करने के विकल्प ढूंढने में बिल्कुल भी मत चूकना क्योंकि जीवन का एक एक पल कीमती होता है जिसमें केवल ढूंढ़ना ही सब कुछ नहीं होता उसके लिए वैसा काम भी करना जरूरी होता है। एक निवेदन यह भी रहेगा कि आप भी मुझे अगर हो सके तो आपके विचार मुझ तक पहुंचाने के लिए संपर्क जरूर करें और हमारे संग्रह के गुण दोषों का अवलोकन कर हमें अवगत जरूर करवाएं।

आप खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’ जी से फोन द्वारा 9549112165 पर और ईमेल khemji1999@gmail.com के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं।

About the ‘Bal Kavya – Poetry Collection’

‘बाल कविता’ यानी बच्चों के लिए लिखी गयी कविता, जिसमें बच्चों की शिक्षा, जिज्ञासा, संस्कार एवं मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर रचना की गई हो। वह चाहे माँ की लोरियों के रूप में हो, या पिता की नसीहतों के रूप में, या बच्चों के आपस के खेल-खेल में हो। इसमें भले ही निरर्थक शब्दों की ध्वनियाँ होती हैं, पर बड़ी आकर्षक होती हैं। ऐसी ही कविताओं को इस साझा संग्रह में शामिल किया गया है, जो नन्हें बच्चों को बहुत पसंद आयेगी।


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