साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के लेखक डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ दतिया जी से साक्षात्कार

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नन्हें-मुन्नों के लिए सृजित साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के सभी सम्मानित लेखकों से एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार indiBooks द्वारा किया गया है। बता दें कि ‘बाल काव्य’ साझा काव्य संग्रह का संपादन खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’, अर्चना पांडेय ‘अर्चि’, निकिता सेन’दीप’ और डॉ. मीना कुमारी सोलंकी ‘मीन’ जी द्वारा किया गया है। संपादकीय टीम द्वारा रचनाओं का स्तरीय चयन और संपादन कार्य बहुत ही शानदार है, जिसके लिए indiBooks की ओर से पुन: ढ़ेरों शुभकामनाएँ। इसी सीरीज़ में हम आपके लिए काव्य संग्रह के एक लेखक डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ दतिया जी का साक्षात्कार आपके लिए प्रस्तुत कर रहें है।

indiBooks : यदि आप अपने शब्दों में हमारे और आपके सम्मानित पाठकों को अपना परिचय देंगें, तो पाठकों बहुत अच्छा लगेगा?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : मैं डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ दतिया (मध्यप्रदेश) से हूँ। मेरे प्रशंसक एवं पाठक मुझसे मोबाइल 9425726907 पर संपर्क कर सकते है।

indiBooks : हाल ही में आपका साझा बाल काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है, इसमें शामिल होने के पीछे क्या कारण रहा?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : मैं बच्चों के लिए अपनी व्यस्तता के बाबजूद कुछ लेखन कार्य करते रहना चाहता हूँ इसलिए इसमें शामिल हुआ।

indiBooks : साहित्यिक सेवा के लिए आपको अब तक कितने सम्मान प्राप्त हुए हैं? क्या आप उनके बारे मे कोई जानकारी देना चाहेंगे?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : मास्को (रूस) में दो, (काठमांडू) नेपाल में तीन तथा यांगून (बर्मा) में दो (सात अंतर्राष्ट्रीय सम्मान) तथा देश में 80-85 सम्मान प्राप्त हुए हैं। भारतीय सम्मानों में लोक सभा अध्यक्ष द्वारा साहित्य श्री सम्मान।

indiBooks : आपकी पहली पुस्तक के बारे में बताएं? और कब प्रकाशित हुई थी?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : पहली हिन्दी पुस्तक हास्य-व्यंग्य कविताओं का संग्रह लगभग 20 वर्ष पहले इंदौर से प्रकाशित हुई थी।

indiBooks : आप कब से लेखन कर रहें हैं और पुस्तक प्रकाशित करने का विचार कैसे बना?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : 25-30 वर्ष से निरन्तर लेखन कर रहा हूँ। व्यावसायिक तौर पर अंग्रेजी की कई गाइडस, सीरीज, ग्रामर की पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उसी क्रम में हिन्दी की पुस्तकें प्रकाशित करवाने का विचार बना।

indiBooks : पहली पुस्तक के प्रकाशन के दौरान अनुभव कैसा रहा?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : मुझे इंदौर के एक प्रकाशक का सहयोग मिला, जिससे आसानी से प्रकाशन व मार्केटिंग भी हो गई।

indiBooks : आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : कविता, नवगीत, दोहा, मुक्तक, ग़ज़ल, क्षणिकाएं, लघुकथा व कहानी तथा हास्य-व्यंग्य, धर्म व आध्यात्म पर लेख।

indiBooks : आप अपनी रचनाओं के लिए कहां से प्रेरणा प्राप्त करते हैं?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : समाज को देखकर, महान व्यक्तियों को पढकर, पसंदीदा कवियों व लेखकों को पढकर।

indiBooks : आपके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धि, जिसे आप हमारे और अपने पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहेंगे?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : मास्को तथा सैंट पीटर्सबर्ग की यात्रा तथा मास्को में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में भागीदारी।

indiBooks : आपका सबसे प्रिय डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ / लेखिका और उनकी रचनाएँ / किताब?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : श्री देवकीनन्दन खत्री जी की चंद्रकांता संतति, श्री लाल शुक्ल जी की राग दरबारी, बच्चन जी की मधुशाला तथा अन्य लेखकों व कवियों की अनेकानेक पुस्तकें।

indiBooks : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : हिन्दी का भविष्य उज्जवल है; अच्छा साहित्य लिखा जाना चाहिए, प्रचार-प्रसार होना चाहिए। हिन्दी कुछ ही वर्षों में चरम शिखर को छूने जा रही है।

indiBooks : वर्तमान व्यवसाय और लेखन के अलावा आपके अन्य शौक क्या हैं, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : निरन्तर अध्ययन, अध्यापन, समाज सेवा, हिन्दी साहित्य सेवा, संगीत (ढोलक, तबला वादन व भजन गायन) टीवी पर न्यूज़ सुनना, कुछ लाइव कार्यक्रम देखना आदि।

indiBooks : अब तक प्रकाशकों के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : बहुत संतोषजनक।

indiBooks : अपने पाठकों और प्रशंसकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : हिन्दी की पुस्तकें खूब पढें तथा अपने परिवार में व मित्रों को अच्छी पुस्तकें खरीदकर पढने की सलाह दें। घर में अच्छी पुस्तकों का संग्रह अवश्य रखें।

indiBooks : क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : लगभग 7-8 पुस्तकों पर काम कर रहा हूँ। कुछ पुस्तकों का विमोचन विदेश में सम्भावित है। अगली पुस्तक एक खण्ड काव्य है जो आध्यात्मिक है।

indiBooks : नवोदित लेखकों को क्या सलाह देना चाहेगें?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : पहले डटकर पढें और तब लिखें। अपने लेखन कार्य को किसी वरिष्ठ साहित्यकार अथवा गुरु को जरूर दिखाएं फिर आगे बढ़ें।

indiBooks : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?
डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ‘असीम’ : अवश्य। यही मेरा जीवन है। धन्यवाद।

About the ‘Bal Kavya – Poetry Collection’

‘बाल कविता’ यानी बच्चों के लिए लिखी गयी कविता, जिसमें बच्चों की शिक्षा, जिज्ञासा, संस्कार एवं मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर रचना की गई हो। वह चाहे माँ की लोरियों के रूप में हो, या पिता की नसीहतों के रूप में, या बच्चों के आपस के खेल-खेल में हो। इसमें भले ही निरर्थक शब्दों की ध्वनियाँ होती हैं, पर बड़ी आकर्षक होती हैं। ऐसी ही कविताओं को इस साझा संग्रह में शामिल किया गया है, जो नन्हें बच्चों को बहुत पसंद आयेगी।


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