साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के लेखक डॉ. गुलाब चंद पटेल जी से साक्षात्कार

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नन्हें-मुन्नों के लिए सृजित साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के सभी सम्मानित लेखकों से एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार indiBooks द्वारा किया गया है। बता दें कि ‘बाल काव्य’ साझा काव्य संग्रह का संपादन खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’, अर्चना पांडेय ‘अर्चि’, निकिता सेन’दीप’ और डॉ. मीना कुमारी सोलंकी ‘मीन’ जी द्वारा किया गया है। संपादकीय टीम द्वारा रचनाओं का स्तरीय चयन और संपादन कार्य बहुत ही शानदार है, जिसके लिए indiBooks की ओर से पुन: ढ़ेरों शुभकामनाएँ। इसी सीरीज़ में हम आपके लिए काव्य संग्रह के एक लेखक डॉ. गुलाब चंद पटेल का साक्षात्कार आपके लिए प्रस्तुत कर रहें है।

indiBooks : यदि आप अपने शब्दों में हमारे और आपके सम्मानित पाठकों को अपना परिचय देंगें, तो पाठकों बहुत अच्छा लगेगा?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : मैं डॉ. गुलाब चंद पटेल, कवि लेखक अनुवादक, पूर्व ऑफिस सुपरिटेंडेंट जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ऑफिस, इंडियन लायंस गांधी नगर, हिंदी गुजराती मे साहित्य लिखने का प्रयास कर रहा हूँ। मैं साहित्यकार के अलावा सोशल ऐक्टिविस्ट भी हूँ, सितंबर 2008 से व्यसन मुक्ति कार्यक्रम स्कूल एवं कॉलेज में कर रहा हूँ और महिलाओं की जागरुकता के लिए ब्रेस्ट कैंसर अवेर्नेस प्रोग्राम आयोजित करता हूँ।

इसके अलावा इंडियन लायंस गांधी नगर मे सामाजिक कार्य, झुग्गियों मे गरीब छात्रों को दो घंटा हर रविवार को पढ़ा ता हूँ। मैं हिंदी राष्ट्र भाषा प्रचार समिति अहमदाबाद में कार्यकारिणी सदस्य हूँ और अभी महात्मा गांधी साहित्य मंच ग्रुप चला रहे हैं। इसके अलावा गुजराती न्यूज पत्रिका ‘वॉयस ऑफ गाँधी नगर मे पत्रकार के रूप में सेवा दे रहा हूँ।

indiBooks : हाल ही में आपका साझा बाल काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है, इसमें शामिल होने के पीछे क्या कारण रहा?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : हमारी रचनाएँ बच्चों तक पहुँचे।

indiBooks : साहित्यिक सेवा के लिए आपको अब तक कितने सम्मान प्राप्त हुए हैं? क्या आप उनके बारे मे कोई जानकारी देना चाहेंगे?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : अब तक हमे 80 के करीब सम्मान प्राप्त हुए हैं किन्तु यहाँ दो की जानकारी दूँगा, हमें राजकुमार जैन फाउंडेशन अकोला, चीतोड़गढ़, राजस्थान से “श्री अम्बालाल हीगड़ बाल साहित्य अवॉर्ड रुपये 2100/- की धन राशि, प्रमाण पत्र और शाल से सम्मानित किया गया था और गांधी पीस फाउंडेशन नेपाल की ओर से ‘डोक्टर का उपाधि” से सम्मानित किया गया है।

सामाजिक कार्य के लिए 35 से अधिक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, उसमे एक की जानकारी देना चाहता हूँ, जिसमें गुजरात के महामहिम गवर्नर डॉ कमला बेनीवाल के कर कमलों से आशीर्वाद एज्युकेशन ट्रस्ट अहमदाबाद द्वारा आयोजित समारोह में “धरती रत्न अवार्ड – 2011” प्रदान किया था।

indiBooks : आपकी पहली पुस्तक के बारे में बताएं? और कब प्रकाशित हुई थी?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : मेरी पहली पुस्तक “मौत का मुकाबला ‘+” 1999 को शिकार कथा जो बच्चों के लिए पुस्तक है और दूसरी पुस्तक ‘हरि कृपा काव्य संग्रह’ 2008 मे प्रकाशित हुई थी।

indiBooks : आप कब से लेखन कर रहें हैं और पुस्तक प्रकाशित करने का विचार कैसे बना?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : हम 1997 से लेखन कर रहे हैं, राम बा बी एड कॉलेज के प्रिन्सिपल डॉ. आई. ए. भरडा के प्रोत्साहन से यह विचार आया।

indiBooks : पहली पुस्तक के प्रकाशन के दौरान अनुभव कैसा रहा?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : बहुत ही अच्छा, मेरी पहली पुस्तक मौत का मुकाबला ‘बाल साहित्य की पुस्तक राम बा. बी. एड. कॉलेज के प्रिन्सिपल डॉ. ईश्वर भाई भरडा के प्रोत्साहन से हुआ और कलेक्टर पोरबंदर के श्री एम बी परमार ने हमारी दूसरी पुस्तक का विमोचन किया था, मुझे बहुत खुशी हुई थी। क्योंकि देश के राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी की जन्म भूमि पोरबंदर मे यह समारोह मनाया गया था।

indiBooks : आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : कविता, आलेख, समीक्षा, कहानी और अनुवाद।

indiBooks : आप अपनी रचनाओं के लिए कहां से प्रेरणा प्राप्त करते हैं?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : हमें हमारे मित्र उजम शी परमार ने लिखने की प्रेरणा दी और अभी हिंदी साहित्य पाठकों से प्रेरणा पाते हैं और अभी जो संस्थाएं हिंदी साहित्य के लिए काम कर रही है उनकी भी हिस्सेदारी है।

indiBooks : आपके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धि, जिसे आप हमारे और अपने पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहेंगे?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : हम पोरबंदर मे जब सरकारी अधिकारी थे और नशा मुक्ति अभियान, व्यसन मुक्ति अभियान चला रहे थे, स्कूल एवं कॉलेज में व्यसन मुक्ति प्रोग्राम करते थे। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी गरीब कल्याण मेले में आए और रेती शिल्प के उद्घाटन के दौरान हमे सर्किट हाउस में बुलाया गया और हमें सम्मानित किया गया, वो मेरे जीवन का यादगार प्रसंग है।

indiBooks : आपका सबसे प्रिय डॉ. गुलाब चंद पटेल / लेखिका और उनकी रचनाएँ / किताब?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : महादेवी वर्धा। उनकी कुल आठ रचनाए थी, दीप शिखा, अग्नि शिखा, निहार, प्रथम आयाम, नीरजा, रश्मि, सत्य पर्ण और साध्य गीत।

indiBooks : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : जी हाँ, एक राष्ट्र एक भाषा, राष्ट्र भाषा हिंदी पूरे देश में बोलने, लिखने और शासन मे अमली होना चाहिए। हिंदी साहित्य के उत्थान के लिए भारत सरकार और देश के प्रसिद्ध साहित्यकार कार्य कर रहे हैं लेकिन उनके कार्य को महत्व दिया जाय, हिंदी साहित्य को समृद्ध बनाने के लिए प्रोत्साहित योजनाएँ बनाई जाय और हिंदी भाषा के विद्यार्थियों और व्यवसायियों को और साहित्यकारों के लिए रोजगार लक्षी योजनाए बनाई जाय।

indiBooks : वर्तमान व्यवसाय और लेखन के अलावा आपके अन्य शौक क्या हैं, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : मैं समाज सेवा यानि कि नशा मुक्ति अभियान, ब्रेसट कैंसर अवेर्नेस प्रोग्राम करना पसंद करता हूँ, बच्चो की जागरूकता के लिए मैंने अब तक 350 से अधिक स्कूल एवं कॉलेज में व्यसन मुक्ति प्रोग्राम किया गया है, मेरा ऑन लाइन कार्य देखकर ग्रंथ मुनि कॉलेज का वर्धा छत्तीसगढ मे मादक पदार्थों की आर्थिक और सामाजिक असर पर आयोजित ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस में एक्सपर्ट के रूप में बुलाया गया था, हमे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी जी एवं देश के धर्म गुरुओ ने भी इस कार्य के लिए प्रोत्साहित किया है।

indiBooks : अब तक प्रकाशकों के साथ आपका अनुभव कैसा रहा?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : बहुत ही उम्दा, हमें उत्साहित किया गया है, हमारी 6 पुस्तक गुजराती में प्रकाशक ने ही पब्लिश किया है, और हिंदी मे 3 किताबे प्रकाशक द्वारा पब्लिश हुआ है। गुजरात में हिंदी के लिए प्रकाशक न के बराबर है।

indiBooks : अपने पाठकों और प्रशंसकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : पाठकों को यह संदेश हे कि पुस्तक पढ़े, अपने बच्चों को भी पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करे, क्योंकि अच्छे पुस्तक संस्कृति और अच्छे समाज का निर्माण करते हैं।

indiBooks : क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : महात्मा गांधी के लिए।

indiBooks : नवोदित लेखकों को क्या सलाह देना चाहेगें?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : नवोदित लेखकों को सामाजिक जागरूकता पैदा करने के लिए अच्छे साहित्य का निर्माण करे।

indiBooks : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?
डॉ. गुलाब चंद पटेल : हाँ, जब तक स्फुरण होगा तब तक लिखते रहेंगे।

About the ‘Bal Kavya – Poetry Collection’

‘बाल कविता’ यानी बच्चों के लिए लिखी गयी कविता, जिसमें बच्चों की शिक्षा, जिज्ञासा, संस्कार एवं मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर रचना की गई हो। वह चाहे माँ की लोरियों के रूप में हो, या पिता की नसीहतों के रूप में, या बच्चों के आपस के खेल-खेल में हो। इसमें भले ही निरर्थक शब्दों की ध्वनियाँ होती हैं, पर बड़ी आकर्षक होती हैं। ऐसी ही कविताओं को इस साझा संग्रह में शामिल किया गया है, जो नन्हें बच्चों को बहुत पसंद आयेगी।


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