साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ की लेखिका सरला कुमारी जी से साक्षात्कार

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नन्हें-मुन्नों के लिए सृजित साझा काव्य संग्रह ‘बाल काव्य’ के सभी सम्मानित लेखकों से एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार indiBooks द्वारा किया गया है। बता दें कि ‘बाल काव्य’ साझा काव्य संग्रह का संपादन खेम सिंह चौहान ‘स्वर्ण’, अर्चना पांडेय ‘अर्चि’, निकिता सेन’दीप’ और डॉ. मीना कुमारी सोलंकी ‘मीन’ जी द्वारा किया गया है। संपादकीय टीम द्वारा रचनाओं का स्तरीय चयन और संपादन कार्य बहुत ही शानदार है, जिसके लिए indiBooks की ओर से पुन: ढ़ेरों शुभकामनाएँ। इसी सीरीज़ में हम आपके लिए काव्य संग्रह की एक लेखिका सरला कुमारी जी का साक्षात्कार आपके लिए प्रस्तुत कर रहें है।

indiBooks : यदि आप अपने शब्दों में हमारे और आपके सम्मानित पाठकों को अपना परिचय देंगें, तो पाठकों बहुत अच्छा लगेगा?
सरला कुमारी : मैं सरला कुमारी पुत्री श्री अनिल कुमार एवं माता श्रीमती सुशीला, निवासी खेनटावास, तह. फर्रूखनगर, गुरुग्राम (हरियाणा) हूँ। मेरी शिक्षा जेबीटी, स्नातकोत्तर, एच टेट, नेट हिंदी, बीएड जारी है। वर्तमान में एक विद्यार्थी और एक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हूँ। उपलब्धि के रूप में अभी तक लगभग दस राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में सहभागिता।

indiBooks : हाल ही में आपका साझा बाल काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है, इसमें शामिल होने के पीछे क्या कारण रहा?
सरला कुमारी : बहुत कुछ सीखने की उत्सुकता, साथ ही अच्छे रचनाकारों की रचना पढ़ने और ज्ञान अर्जित करने की इच्छा।

indiBooks : आपकी पहली पुस्तक के बारे में बताएं? और कब प्रकाशित हुई थी?
सरला कुमारी : कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है।

indiBooks : आप कब से लेखन कर रहें हैं और पुस्तक प्रकाशित करने का विचार कैसे बना?
सरला कुमारी : दो साल से लेखन कार्य कर रही हूँ। कुछ शोध आलेख लिखें हैं।

indiBooks : आपकी पसंदीदा लेखन विधि क्या है, जिसमें आप सबसे अधिक लेखन करते हैं?
सरला कुमारी : पद्य रचना शैली।

indiBooks : आप अपनी रचनाओं के लिए कहां से प्रेरणा प्राप्त करते हैं?
सरला कुमारी : अपने दादा जी से। उन्होंने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। वो मेरे प्रेरणा स्त्रोत हैं। माता- पिता से भी हर परिस्थिति में सहयोग मिला है।

indiBooks : आपके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धि, जिसे आप हमारे और अपने पाठकों के साथ भी शेयर करना चाहेंगे?
सरला कुमारी : M.A. में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार वितरण समारोह तथा NET एग्जाम क्लियर करने पर परिवार के सभी लोगों के चेहरे की मुस्कुराहट जीवन का सबसे यादगार पल है, जब मैंने अपने परिवार का एक छोटा- सा सपना पूरा किया था।

indiBooks : आपका सबसे प्रिय सरला कुमारी / लेखिका और उनकी रचनाएँ / किताब?
सरला कुमारी : प्रेमचंद के सभी उपन्यास।

indiBooks : हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य के उत्थान पर आप कुछ कहना चाहेंगे?
सरला कुमारी : मैं उन पर शोध कर कर कुछ नए तथ्य सामने लाना चाहूँगी।

indiBooks : वर्तमान व्यवसाय और लेखन के अलावा आपके अन्य रुचियाँ क्या हैं, जिन्हे आप खाली समय में करना पसंद करते हैं?
सरला कुमारी : पुस्तकें पढ़ना, मूवी देखना आदि।

indiBooks : अपने पाठकों और प्रशंसकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
सरला कुमारी : पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं जो हमें हर परिस्थिति का सामना करने को और जीवन में कुछ नया करने को प्रेरित करती हैं।

indiBooks : क्या वर्तमान या भविष्य में कोई किताब लिखने या प्रकाशित करने की योजना बना रहें हैं? यदि हां! तो अगली पुस्तक किस विषय पर आधारित होगी?
सरला कुमारी : जी, भारत भूमि।

indiBooks : नवोदित लेखकों को क्या सलाह देना चाहेगें?
सरला कुमारी : प्रयास करें।

indiBooks : क्या आप भविष्य में भी लेखन की दुनिया में बने रहना चाहेंगे?
सरला कुमारी : जी बिल्कुल।

About the ‘Bal Kavya – Poetry Collection’

‘बाल कविता’ यानी बच्चों के लिए लिखी गयी कविता, जिसमें बच्चों की शिक्षा, जिज्ञासा, संस्कार एवं मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर रचना की गई हो। वह चाहे माँ की लोरियों के रूप में हो, या पिता की नसीहतों के रूप में, या बच्चों के आपस के खेल-खेल में हो। इसमें भले ही निरर्थक शब्दों की ध्वनियाँ होती हैं, पर बड़ी आकर्षक होती हैं। ऐसी ही कविताओं को इस साझा संग्रह में शामिल किया गया है, जो नन्हें बच्चों को बहुत पसंद आयेगी।


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