Manju Lata

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मंजू लता जी कवयित्री व लेखिका हैं और शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत है। मंजू लता जी रचनाएं, आलेख राष्ट्रीय स्तर की कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। मंजू लता जी काव्य एवं लघुकथा आदि विद्याओं में लेखन करतीं है। मंजू लता जी को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक सृजन के लिए कई साहित्यिक संस्थानों द्वारा सम्मानित किया जा चुका हैं। मंजू लता जी अब तक कई साझा संकलनों में सक्रिय भूमिका में रहीं हैं।

व्यक्तिगत परिचय

पिता का नाम : बद्री सिंह चौहान

माता का नाम : मुन्नी देवी

शिक्षा : M.A. Hindi, Education, B.Ed.

सम्प्रति : व्याख्याता हिन्दी, लेखिका, कवयित्री

प्राप्त सम्मान : Best Teacher Award, प्रणेता साहित्य द्वारा सर्वश्रेष्ठ पद्य रचना प्रशस्ति पत्र, साहित्यनामा द्वारा उदय संगम साहित्य द्वारा प्रशस्ति पत्र, कलम बोलती है साहित्य समूह द्वारा काव्य श्री सम्मान, साहित्य बोध द्वारा – साहित्य मार्तंड सम्मान और श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान, तमिलनाडु साहित्य संगम द्वारा – श्रेष्ठ रचनाकर सम्मान।

प्रकाशित रचनाएं : दैनिक नवीन कदम काव्यधारा में कविता ‘बसंती बहार’, फिर भी नारी कभी न हारी उत्कर्ष मेल पाक्षिक में कविता ‘गौरी की शिव वंदना’ और कहानी ‘अनूठा प्रेम’।

प्रकाशित लेख : रंगों का त्यौहार होली ‘यादगार होली, विजय दर्पण टाइम्स डेली में कविता रवि का उजियारा, नारी कभी न हारी, हर हर गंगे, जुदाई, सपनें, दैनिक इंडिया प्राइम टाइम्स में ‘नारी का महत्त्व, हम हिंदुस्तानी USA में रंगों का त्यौहार होली, साहित्यनामा साझा, साहित्य नामा के साथ अनूठा प्रेम और अभ्युदय में होली के रंग, नवरात्रि पर्व और माँ की ममता।

प्रकाशित पुस्तकें

  1. नारी तू अपराजिता (महिला प्रधान साझा काव्य संकलन)
  2. अनवरत (साझा लघुकथा संग्रह)
prachi

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