उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक सम्मानित पाठक ‘हरेन्द्र कुमार त्यागी जी’ से साक्षात्कार

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indiBooks द्वारा पाठकों के लिए एक नया कॉलम शुरू किया गया है, जिसके अर्न्तगत पाठकों का एक विशेष साक्षात्कार प्रकाशित किया जाएगा। इस कॉलम में हम सबसे पहले एक ऐसे पाठक से साक्षात्कार प्रकाशित कर रहे हैं, जो स्वयं भी अव्वल दर्जे के रचनाकार हैं और उससे भी बड़ी बात यह है कि आप मंजे हुए पाठक हैं। हमारे सबसे पहले पाठक हरेन्द्र कुमार त्यागी जी है, जो उत्तर प्रदेश के आगरा जिले सें है।

आपने हाल ही में नव प्रकाशित पुस्तक ‘जिंदगी के मायने‘ (लेखक श्री लक्ष्मण सिंह त्यागी ‘रीतेश’ द्वारा रचित) का अध्ययन किया है। indiBooks को यह साक्षात्कार लेखक लक्ष्मण सिंह त्यागी जी के माध्यम से प्राप्त हुआ है।

प्रश्न- सबसे पहले आप अपने शब्दों में अपना परिचय दीजिये?

हरेन्द्र कुमार त्यागी – सादर नमस्कार, मेरा नाम हरेन्द्र कुमार त्यागी है। मैं आगरा, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखता हूं। मैं भी कविताएं लिखता हूं। मेरी प्रतिनिधि रचना-

न हिन्दू लिखता हूं न मुसलमान लिखता हूँ,
मैं अपनी कविता में, हिंदुस्तान लिखता हूँ,
जाति-मज़हब में करते हो क्यों फर्क मेरे यार;
मैं सबको भारत माँ की संतान लिखता हूँ ।।

प्रश्न – आपको पुस्तक प्राप्त करने में कोई असुविधा तो नहीं हुई?

हरेन्द्र कुमार त्यागी – नहीं, नियत समय पर हमें यह पुस्तक प्राप्त हो गई। धन्यवाद।

प्रश्न – आप पुस्तक ‘जिंदगी के मायने’ को दस में से कितने अंक देना चाहेंगे और क्यों?

हरेन्द्र कुमार त्यागी – मैं इस बेहतरीन पुस्तक को दस में से दस अंक देना चाहूँगा क्योंकि सरल भाषा में हर स्तर व विशेष रुचि रखने वाले पाठकों के लिए और हरेक आयु वर्ग के लोगों के लिए इसमें रचनाएं समाहित है। यह किताब वर्तमान की कसौटी पर एकदम खरी उतरती है जिसमें एक ओर जीवन यापन का ढंग है, रिश्तों को निभाने की उत्तम सलाह है, तो दूसरी ओर हमारे देशभक्त पुरखों का यशोगान और प्रकृति, त्यौहारों का सुमधुर वर्णन है।

प्रश्न – आपको पुस्तक ‘जिंदगी के मायने’ में कौन सी रचना सबसे अच्छी लगी और क्यों?

हरेन्द्र कुमार त्यागी – यह सवाल बड़ा कठिन है क्योंकि सभी कविताएं एक से बढ़कर एक हैं लेकिन फिर भी मेरी नजर में “सौ बार मरना जिंदगी है” रचना मुझे सबसे अच्छी लगी क्योंकि इस कविता में कवि ने जीवन की हकीकत से रूबरू कराकर जीने का ढंग बताया है एवं संघर्षों का डटकर मुकाबला करने की बात कही है जो पाठक के दिलो दिमाग पर अमिट छाप छोड़ जाती है।

उत्तर प्रदेश के जिला आगरा से हरेन्द्र कुमार त्यागी जी ‘जिन्दगी के मायने’ पुस्तक को पढ़ते हुए।

प्रश्न – क्या आपने अन्य मित्रों व परिचितों को ‘जिंदगी के मायने’ किताब लेने हेतु प्रेरित किया?

हरेन्द्र कुमार त्यागी – जी! मैंने अपने निकटतम मित्रों से इस जीवनोपयोगी पुस्तक को पढ़ने के लिए आग्रह किया है।

प्रश्न – आपके शब्दों में हम पुस्तक ‘जिंदगी के मायने’ के बारे में समीक्षात्मक विचार सुनना चाहते हैं?

हरेन्द्र कुमार त्यागी – मैं पुस्तक ‘जिंदगी के मायने’ को पढ़ने के लिए बेहद उत्साहित था और पूरी किताब पढ़ने के बाद मेरा समय एकदम सार्थक साबित हुआ। किताब का हर भाग हमारे मस्तिष्क पटल पर अमिट निशानी छोड़ गया है, चाहे वो प्रेम हो, दर्शन हो, वीरता की बात हो या मुक्तक हो। जहां शुरुआत में हमारे आराध्य देवी देवताओं की स्तुति है, जो माहौल को भक्तिमय बनाकर पुस्तक को आगे पढ़ने के लिए रुचि जाग्रत करती है, कवि ने हमारी वीर भूमि भारत के शूरवीरों के कौशल से हमारा परिचय कराकर हमारे अंदर राष्ट्र प्रेम की ज्योति जाग्रत की है।

मुझे इस पुस्तक का सबसे हृदय स्पर्शी भाग ‘दर्शन’ लगा जिसमें जीवन के झंझावातों से परिचित करा कर उनका धैर्य और कुशलता से सामना करने की बात कही गई है जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस पुस्तक के ‘प्रेम’ भाग में कवि ने अद्भुत शिल्प का प्रयोग करके पाठक के मन पर गहरी छाप छोड़ी है।

अंत में मुक्तक भाग की जितनी तारीफ़ की जाए, उतनी कम होगी। हर मुक्तक में एक संदेश निहित है जो इस दुख के घर यानी संसार में जीवन यापन के लिए बेहद लाभदायक है। यह किताब हर मानव को पढ़नी चाहिए, इसमें हर व्यक्ति की रुचि के अनुसार कविताएं है, यह किताब किसी भी तरह से उबाऊ नहीं है। मैं इस पुस्तक के रचनाकार को इस मार्मिक, संवेदनशील और समसामयिक नितांत आवश्यक पुस्तक के लिए दिल से बधाई देता हूँ।

आप ‘जिन्दगी के मायने‘ पुस्तक को अपने पसंदीदा ऑनलाइन स्टोर से प्राप्त कर सकते है। जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।

About the Book

मेरा नया काव्य संग्रह ‘जिंदगी के मायने’ जैसा कि नाम से प्रतीत हो रहा है, मैंने इसमें अपने छोटे-बड़े अनुभव और मेरी नज़र में दुनिया की समझ आपके साथ साझा करने का प्रयास किया है, जिसका माध्यम छोटी-छोटी कविताओं को चुना है। ‘जिंदगी के मायने’ मेरा दूसरा काव्य संग्रह है, जिसे आपके सामने रखते हुए मुझे अपार ख़ुशी का अनुभव हो रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप मेरे इस काव्य संग्रह से बहुत कुछ सीखेंगे और जीवन को जीने का नज़रिया बदलेंगें। -लक्ष्मण सिंह त्यागी ‘रीतेश’ (कवि, लेखक एवं शिक्षक)

 


यदि आप लेखक हैं और चाहतें है कि आपके सबसे बड़े पाठक का साक्षात्कार इस कॉलम में प्रकाशित हो, तो आज ही हमें पाठक का साक्षात्कार अपनी पुस्तक के साथ हमें indibooks.in@gmail.com पर भेज दें। यदि आप पाठक हैं, तो आप हमें indibooks.in@gmail.com पर संपर्क करें और विषय में Reader’s Interview लिखें। हमारी टीम जल्द से जल्द आपसे संपर्क करने का प्रयास करेगी।

prachi
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